इंदौर चातुर्मास से पूर्व श्री दिगम्बर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र, ग्रेटर बाबा परिसर में आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज एवं अंतर्मुखी मुनि श्री 108 पूज्यसागरजी महाराज का मंगल मिलन हुआ। आचार्यश्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए नवग्रह जिनालय की महिमा का वर्णन किया। पढ़िए श्रीफल साथी रेखा संजय जैन की यह रिपोर्ट।
इंदौर। चातुर्मास के लिए इंदौर में मंगल प्रवेश से पूर्व श्री दिगम्बर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र, ग्रेटर बाबा परिसर में आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज एवं अंतर्मुखी मुनि श्री 108 पूज्यसागरजी महाराज का मंगल मिलन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दोनों संतों के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
जिनालय में दर्शन कर दिया धर्म संदेश
आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज ने नवग्रह जिनालय में जिनेन्द्र भगवान के दर्शन किए तथा धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नवग्रह जिनालय का निर्माण वेद परिवार ने अपना सर्वस्व समर्पित कर कराया है। यह क्षेत्र अपने आप में पुण्य की धरा है, जहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और आत्मशांति का लाभ प्राप्त होता है।
वेद परिवार ने किया पाद प्रक्षालन
क्षेत्र के अध्यक्ष नरेन्द्र वेद एवं शकुंतला वेद, गिरीश वेद तथा अनुराग वेद ने आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विनयपूर्वक वंदना कर गुरुचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
12 जुलाई को होगा भव्य नगर मंगल प्रवेश
आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज का चातुर्मास हेतु इंदौर नगर में मंगल प्रवेश 12 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे राजवाड़ा से भव्य शोभायात्रा के रूप में प्रारंभ होगा। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम पहुंचेगी, जहाँ चातुर्मास की मंगल स्थापना होगी।
श्रद्धालुओं में उत्साह
चातुर्मास को लेकर इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और समाजजन अधिकाधिक संख्या में मंगल प्रवेश में सम्मिलित होने की तैयारियों में जुटे हैं।













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