तिलक संस्कार के पश्चात भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा 9 जुलाई को घाटोल नगरी में मंगल प्रवेश करेगी। जैन समाज द्वारा भव्य अगवानी, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ 12 जुलाई को विशाल शोभायात्रा आयोजित की जाएगी। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।
घाटोल/नौगामा (बांसवाड़ा)। तिलक संस्कार के उपरांत भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा का राजस्थान में नगर प्रवेश होने के बाद प्रथम भव्य स्वागत कार्यक्रम घाटोल नगरी में आयोजित किया जाएगा। जैन समाज प्रतिमा के मंगल प्रवेश को लेकर उत्साह से तैयारियों में जुटा है।
9 जुलाई को होगा भव्य स्वागत
जैन समाज के प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि 9 जुलाई को प्रतिमा के घाटोल पहुंचने पर समाज द्वारा भव्य मंगल अगवानी की जाएगी। इस अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। नौगामा युवा मंडल के कार्यकर्ता प्रतिमा के साथ विहार में सहभागी बने हुए हैं।
सुखोदय तीर्थ में विशेष तैयारियां
सुखोदय तीर्थ परिसर में विशाल पंडाल तैयार किया गया है, जहां अतिथियों के स्वागत एवं मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। नगर में आकर्षक तोरण द्वार, जैन पंचरंगी धर्मध्वज, विद्युत सज्जा एवं स्वागत फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। संपूर्ण आयोजन की ड्रोन शूटिंग भी कराई जाएगी।
12 जुलाई को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोरी ने बताया कि 12 जुलाई को प्रज्ञा पेट्रोल पंप से विशाल शोभायात्रा प्रारंभ होगी। शोभायात्रा में हाथी पर धर्म इंद्र, केसरिया वेशभूषा में महिला मंडल, सफेद परिधान में पुरुष, बैंड-बाजे एवं भक्ति संगीत के साथ नगर भ्रमण करते हुए नसिया जी तीर्थ पहुंचेगी। इस अवसर पर 5,000 से 7,000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समाज ने सभी घरों के बाहर रंगोली सजाने का भी आह्वान किया है।
प्रतापगढ़ में होगा रात्रि विश्राम
प्रतिमा वर्तमान में मध्य प्रदेश के रतलाम से नगर विहार करते हुए प्रतापगढ़ पहुंच रही है, जहां रात्रि विश्राम होगा। विहार मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु श्रीफल अर्पित कर दर्शन एवं वंदन कर रहे हैं।













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