जैन तीर्थों के संरक्षण, संवर्धन एवं जिनशासन की प्रभावना में उल्लेखनीय योगदान के लिए महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित जैन कासलीवाल को भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी, मुंबई ने ‘तीर्थ चक्रवर्ती’ की उपाधि से सम्मानित किया। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट
इंदौर। जैन तीर्थों के संरक्षण, संवर्धन एवं जिनशासन की प्रभावना में उल्लेखनीय योगदान के लिए इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं से जुड़े अमित जैन कासलीवाल को भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी, मुंबई द्वारा ‘तीर्थ चक्रवर्ती’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष में मिला सम्मान
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह सम्मान कमेटी के 125वें वर्ष ‘शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष महोत्सव’ (22 अक्टूबर 2026 से 22 अक्टूबर 2027) के ऐतिहासिक अवसर पर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर जैन समाज में हर्ष का वातावरण है।
तीर्थ संरक्षण में समर्पण को मिली पहचान
कमेटी के प्रशस्ति-पत्र में उल्लेख किया गया कि अमित जैन कासलीवाल द्वारा तीर्थक्षेत्र कमेटी को प्रदान किया गया एक लाख रुपये का अंशदान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि श्रमण संस्कृति के संरक्षण और जैन तीर्थों के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने का प्रेरणादायी योगदान है।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
सम्मान समारोह में भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन, राष्ट्रीय महामंत्री संतोष पेंढारी तथा शतकोत्तर रजत वर्ष के चेयरमैन जवाहर लाल जैन सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अमित जैन कासलीवाल की धर्मपरायणता, उदारता एवं सेवा भावना की सराहना की।
समाजजनों ने दी शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, सांसद के अध्यक्ष नवीन आनंद गोधा, आजाद जैन, हंसमुख गांधी, टी.के. वेद, अशोक खासगीवाला, मनोहर झांझरी, मयंक जैन, सुशील पांड्या, भूपेंद्र जैन, महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, रेखा जैन, साधना दगड़े सहित अनेक समाजजनों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
प्रेरणादायी उपलब्धि
समाजजनों ने कहा कि अमित जैन कासलीवाल को मिला यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत गौरव नहीं, बल्कि संपूर्ण जैन समाज के लिए प्रेरणा का विषय है। उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को तीर्थ संरक्षण और धर्मसेवा के लिए प्रेरित करेगा।













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