समाचार

संपत्ति नहीं, संस्कार दीजिए : जिनवाणी ज्ञान गंगा ऑनलाइन पाठशाला का शुभारंभ


बच्चों में नैतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्कारों के विकास के उद्देश्य से जिनवाणी ज्ञान गंगा ऑनलाइन पाठशाला का शुभारंभ किया जा रहा है। वर्षभर चलने वाली इस पाठशाला में ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।


मुरैना। वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शैक्षणिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि नैतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्कारों का समावेश भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर “जिनवाणी ज्ञान गंगा ऑनलाइन पाठशाला” का शुभारंभ किया जा रहा है, जहां बच्चों को वर्षभर धर्म, संस्कृति, व्यक्तित्व विकास एवं जीवन मूल्यों की शिक्षा प्रदान की जाएगी।

संस्कार और ज्ञान का संगम

पाठशाला का संचालन निर्देशक पंडित अंशुल जैन शास्त्री द्रोणागिरी एवं अन्य विद्वान शिक्षकों के मार्गदर्शन में किया जाएगा। यहां बच्चों को जैन धर्म के सिद्धांतों, नैतिक जीवन शैली, भारतीय संस्कृति तथा जीवन मूल्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान

पाठशाला में विद्यार्थियों को भाषा एवं व्यवहार कौशल, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाया जाएगा। साथ ही उन्हें आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना नैतिक मूल्यों के साथ करने की प्रेरणा दी जाएगी।

धर्म और संस्कृति से जुड़ाव

इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में धर्म के प्रति आस्था, संस्कारों के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव विकसित करना है। नियमित कक्षाओं एवं प्रेरणादायक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान की जाएगी।

नियमित होंगे विशेष कार्यक्रम

पाठशाला में नियमित अध्ययन के साथ प्रेरणादायक व्याख्यान, धार्मिक गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इससे बच्चों को सीखने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलेगा।

संस्कार ही सबसे बड़ी पूंजी

संस्था का संदेश है कि “संपत्ति नहीं, संस्कार दीजिए”, क्योंकि संस्कार ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। अच्छे संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं और उसे सफल तथा जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।

अभिभावकों से की अपील

संस्था ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को इस अनूठी पहल से जोड़ें और उन्हें ज्ञान, संस्कार तथा चरित्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें। यह पाठशाला बच्चों के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page