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गायत्री नगर में श्रुत पंचमी महोत्सव पर श्रुत स्कन्ध विधान भक्ति के साथ सम्पन्न : गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने स्वाध्याय को बताया जीवन का आधार


जयपुर के गायत्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में श्रुत पंचमी महोत्सव विविध धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्वक मनाया गया। गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने जिनवाणी के महत्व पर प्रकाश डाला। पढ़िए जयपुर से उदयभान जैन की यह रिपोर्ट।


जयपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म, गायत्री नगर में श्रुत पंचमी महोत्सव परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

नित्य अभिषेक और शांतिधारा से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6 बजे नित्य अभिषेक की क्रियाओं से हुआ। विधानाचार्य पं. अजीत जैन शास्त्री के निर्देशन में प्रथम अभिषेक अनिल जैन श्रीमहावीरजी वाले तथा द्वितीय अभिषेक एवं शांतिधारा सारसमल पदम झांझरी परिवार द्वारा संपन्न की गई। इस अवसर पर 1008 मंत्रों से सहस्त्रनाम जलधारा भी अर्पित की गई।

श्रुत स्कन्ध विधान में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था

श्रुत स्कन्ध विधान के दौरान कमला देवी काला कन्नौज परिवार, आलोक-अरुण ज्योति शाह परिवार सहित अनेक परिवारों को सोधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अशोक-अंजू जैन, कमल-पुष्पा मालपुरा परिवार, राकेश-संगीता छाबड़ा, बिमल-अर्चना लुहाड़िया, आशीष-मनीषा टोंग्या, आलोक-बीना चौकड़ायत परिवार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से विधान पूजन में भाग लिया। विधान सामग्री का पुण्यार्जन सुनील-लता सोगानी परिवार द्वारा किया गया।

पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का आयोजन

कार्यक्रम के दौरान गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी का पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं दीप प्रज्वलन अरुण-ज्योति शाह परिवार द्वारा संपन्न किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माताजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

जिनवाणी की महिमा पर दिया प्रेरक संदेश

अपने मंगल प्रवचन में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने श्रुत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तीर्थंकरों की दिव्य वाणी को सुरक्षित रखने के लिए पंचमी के दिन उसे लिपिबद्ध कर जिनवाणी स्वरूप प्रतिष्ठित किया गया। उन्होंने कहा कि जैन संस्कृति में जिनवाणी की पूजा देव और गुरु के समान श्रद्धा के साथ की जाती है।

प्रतिदिन स्वाध्याय करने का दिया संदेश

माताजी ने कहा कि प्रत्येक श्रावक-श्राविका और बच्चों को अपनी दिनचर्या में स्वाध्याय को स्थान देना चाहिए। चाहे एक घंटा हो या एक मिनट, नियमित स्वाध्याय आत्मिक उन्नति और संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रश्नोत्तरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण

संध्या सत्र में आर्यिका विनयश्री माताजी के मार्गदर्शन में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके पश्चात बच्चों ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित लघु नाटिकाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का निर्देशन संगीता छाबड़ा, मनीषा टोंग्या, बीना टोंग्या एवं नेहा कटारिया ने किया।

प्रतिभागियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में लघु नाटिकाओं में भाग लेने वाले बच्चों तथा पूर्व में आयोजित धार्मिक पाठ प्रस्तुतियों में सहभागी महिला, पुरुष एवं बच्चों को सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों और विधानाचार्य का मंदिर प्रबंध समिति द्वारा माला, तिलक, दुपट्टा एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया।

विश्व योग दिवस पोस्टर का हुआ विमोचन

महोत्सव के दौरान 21 जून विश्व योग दिवस के पोस्टर का विमोचन भाजपा आईटी सेल की जिला सह-संयोजिका अंशु गर्ग, रघु विहार विकास समिति के अध्यक्ष सुरेश जैन, पारस जैन, आरएसएस के जितेंद्र बाकलीवाल तथा मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

आभार के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में संयोजक पदम झांझरी ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। श्रुत पंचमी महोत्सव श्रद्धा, ज्ञान और संस्काlरों के संगम के रूप में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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