आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में एम.डी. जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत में गणधर वलय विधान का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। आचार्य इन्द्रनंदी महाराज एवं आर्यिका संघ के सानिध्य में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विधान में भाग लिया। पढ़िए राहुल जैन की यह रिपोर्ट
आगरा। आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में एम.डी. जैन इंटर कॉलेज फील्ड के हॉल, हरीपर्वत में आयोजित धार्मिक महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं 57 वर्षीय संयम साधना से साधित, प.पू. सिद्धांत रत्न, भारत गौरव, गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी तथा आर्यिका विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में गणधर वलय विधान श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ।
350 श्रद्धालुओं ने लिया विधान का पुण्य लाभ
विधान में लगभग 350 श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तगण भक्ति गीतों और संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ नृत्य करते हुए धर्म आराधना का आनंद लेते नजर आए। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।
शांतिधारा एवं अभिषेक के साथ हुआ शुभारंभ
बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी के सानिध्य में भगवान की शांतिधारा एवं अभिषेक सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात इन्द्र-इन्द्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों द्वारा संगीतमय स्वरलहरियों के मध्य पूजन-अर्चन कर अर्घ्य समर्पित किए गए।
इन परिवारों ने निभाई प्रमुख भूमिकाएं
सौधर्म इन्द्र यतेंद्र कुमार-अभिलाषा जैन, कुबेर राजेंद्र कुमार जैन-नीलम जैन लुहाड़िया, यज्ञनायक इन्द्र सुरेश कुमार-माया जैन, ईशान इन्द्र जिनेन्द्र कुमार-अनीता जैन, चक्रवर्ती इन्द्र सुबोध पाटनी-शची पाटनी, मोहन स्वरूप-नूतन जैन, रवि कुमार-बीना जैन, पदमचंद-प्रेमलता जैन, इन्द्र जितेंद्र कुमार-अंशु जैन, रमेशचंद-मधुलता जैन, वीरेन्द्र कुमार-पूनम जैन तथा राजेंद्र कुमार-विमलेश जैन परिवार ने विधान में प्रमुख पात्रों की भूमिका निभाते हुए पूजा-अर्चना की।
गणधर भगवान की दिव्य वाणी के संवाहक हैं
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञमति माताजी ने कहा कि परमेष्ठी वे होते हैं जिन्होंने संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति की हो। आचार्य परमेष्ठी मुनियों को शिक्षित करते हैं तथा साधुओं का कार्य धर्म प्रभावना एवं चिंतन करना है। उन्होंने कहा कि गणधर भगवान की दिव्यध्वनि को ग्रहण कर उसे जन-जन तक पहुंचाते हैं। भगवान के मुख से निकली वाणी ही जिनवाणी कहलाती है। आज शीतलनाथ, श्रियांशनाथ, धर्मनाथ, विमलनाथ एवं अनंतनाथ भगवान के गणधरों की पूजा-अर्चना की गई।
आचार्य श्री ने भी दिए धर्मोपदेश
आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी महाराज जी ने भी धर्मसभा को संबोधित करते हुए धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला तथा श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण और जिनवाणी के अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
श्रुत पंचमी महोत्सव आज
धर्मसभा का संचालन परिषद के महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया। कार्यक्रम में परिषद के महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, अर्थ मंत्री राकेश जैन परदे वाले, उपमंत्री विमल जैन, अनंत जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, दीपक जैन, कुमार मंगलम जैन, प्रवीण जैन, पंकज जैन, सचिन जैन, शेखर जैन, प्रांजल जैन, उषा जैन, सपना जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सकल जैन समाज उपस्थित रहा।
मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 19 जून 2026 को श्रुत पंचमी पर्व का महा महोत्सव मनाया जाएगा। प्रातः 7 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका संघ के सानिध्य में गणधर वलय विधान एवं विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।













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