निर्माण नगर स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी में आर्यिका विभाश्री माताजी के पावन सान्निध्य में भव्य श्री जिनसहस्रनाम विधान का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने भगवान के 1008 कल्याणकारी नामों का उच्चारण करते हुए अर्घ्य समर्पित किए। जयपुर से पढ़िए, सुभाष पहड़िया की यह रिपोर्ट…
जयपुर। निर्माण नगर स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी में आर्यिका विभाश्री माताजी के पावन सान्निध्य में भव्य श्री जिनसहस्रनाम विधान का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने भगवान के 1008 कल्याणकारी नामों का उच्चारण करते हुए अर्घ्य समर्पित किए और पुण्यार्जन किया। विधान के दौरान पूरा पांडाल श्रावक-श्राविकाओं से खचाखच भरा रहा, जो प्रभु भक्ति और आध्यात्मिक आनंद में सराबोर नजर आए।
इन्होंने लिया पुण्यार्जन
इस पावन विधान में कैलाशचंद प्रमिला सेठी परिवार को सौधर्म इन्द्र, पदमचंद राजरानी गंगवाल (मीठड़ी वाले) परिवार को चक्रवर्ती, शिवराज मंजू, विमलेश एवं सोनिका बड़जात्या परिवार (नागौर) को कुबेर इन्द्र, सतंकुमार तारादेवी कासलीवाल परिवार को यज्ञनायक तथा अजित रजनी पाटनी परिवार (सुजानगढ़) को ईशान इन्द्र बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। अनुष्ठान का शुभारंभ कांतिचंद इन्द्रा एवं रोहित शालू अजमेरा परिवार (देवली) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
चक्रवर्ती की भव्य दिग्विजय यात्रा निकाली
मुकेश नागौरिया एवं रमेश गोधा ने बताया कि विधान में मुख्य कलश स्थापना का सौभाग्य सुमित्रा देवी, महावीर, धर्मचंद एवं रुचि पाटनी परिवार को मिला। इसके साथ ही प्रथम कलश महावीर अंजू संधी परिवार, द्वितीय कलश दिलीप, सुशीला पाटनी परिवार (ईटानगर, कुचामन), तृतीय कलश प्रकाश बीना ढूँढिया परिवार तथा चतुर्थ कलश संजय, सोनू डाकुड़ा परिवार द्वारा संपन्न कराया गया। शाम को चक्रवर्ती की भव्य दिग्विजय यात्रा और लवाजमा निकाला गया। जिसके बाद श्रीजी एवं माताजी की मंगल आरती संपन्न हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ लिया।













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