आर्यिका अर्हम् श्री माताजी के पावन सान्निध्य में मंगल विहार जैन मंदिर में हुई धर्मसभा में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा तथा सभी ने माताजी के प्रवचनों का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। धर्मसभा का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुआ। जयपुर से पढ़िए, पदम जैन बिलाला की यह रिपोर्ट…
जयपुर। आर्यिका अर्हम् श्री माताजी के पावन सान्निध्य में मंगल विहार जैन मंदिर में हुई धर्मसभा में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा तथा सभी ने माताजी के प्रवचनों का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। धर्मसभा का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुआ। अपने प्रवचन में भक्तामर साधिका माताजी ने लघु सामायिक एवं लघु भक्तामर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए धर्म साधना के विविध आयामों की जानकारी दी। उन्होंने ने श्लोक 17, 26, 45 का वाचन कर समझाया तथा श्रावकों को आध्यात्मिक उन्नति के लिए 3-5-1-4-2 के क्रम में भक्तामर स्तोत्र की गाथाओं का दिन में तीन-तीन बार जाप करने का नियम प्रदान किया।
श्रीफल भेंट कर विनय विनती की
धर्मसभा के दौरान चित्रकूट कॉलोनी के अध्यक्ष अनिल जैन और ओम प्रकाश जैन के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने आगामी चातुर्मास की मंगल कामना के साथ पूज्य माताजी को श्रीफल भेंट कर विनय निवेदित किया। कार्यक्रम में वरुण पथ, जनकपुरी, प्रताप नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
धर्मचर्चा के साथ सभा का हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति के पदाधिकारियों अमित जैन गोधा, नवीन जैन बिल्टीवाला, मोहित जैन सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सभी आगंतुकों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। धर्मसभा का समापन प्रतिक्रमण, जिनवाणी स्तुति, मंगल भावना एवं धर्म चर्चा के साथ हुआ।













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