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त्याग, संयम और तपस्या की प्रतिमूर्ति रहीं आर्यिका द्वय: मुनिश्री विमलसागर जी एवं मुनि अनंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में हुई विनयांजलि सभा


नगर में शुक्रवार को आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिमरण पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा उदय नगर जैन मंदिर परिसर में होगी। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। नगर में शुक्रवार को आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिमरण पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा उदय नगर जैन मंदिर परिसर में होगी। सामाजिक सांसद के महामंत्री हर्ष जैन ने बताया कि मुनिश्री विमलसागरजी एवं मुनिश्री अनंत सागरजी महाराज संसघ के सान्निध्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज की परम साधिका शिष्या एवं आचार्य श्री समयसागर महाराज की आज्ञानुवर्ती आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिस्थ होने पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन शुक्रवार को प्रातः 8 बजे से उदयनगर जैन मंदिर परिसर में होगी। श्री सर्वाेदय धार्मिक पारमार्थिक ट्रस्ट, उदय नगर जैन समाज एवं दिगंबर जैन समाज सामाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, महामंत्री, हर्ष जैन ने समाज जनों से आह्वान किया कि श्री सकल दिगंबर जैन समाज, इंदौर द्वारा आयोजित यह सभा मुनिश्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनिश्री अनंत सागर जी के सान्निध्य’ में उदयनगर जैन मंदिर में होगी।

दद्दू ने बताया कि प्रातःकालीन आवश्यक क्रिया से लौटते समय हुई इस दुःखद दुर्घटना ने पूरे संघ एवं श्रद्धालु समाज को स्तब्ध कर दिया है। तप, त्याग, संयम और साधना से अलंकृत दोनों आर्यिकाओं का जीवन सदैव समाज को धर्ममार्ग की प्रेरणा देता रहेगा। यह घटना आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परंपरा ही नहीं, अपितु संपूर्ण श्रमण संस्कृति एवं जैन समाज के लिए बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है।

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