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गिरनार जी में मनेगा 20 जुलाई को भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक : विश्व जैन संगठन का राष्ट्रव्यापी आह्वान हर नगर से एक यात्रा हो गिरनार जी की ओर


 दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने इस विशेष धर्म यात्रा को संपूर्ण समर्थन देते हुए भारत वर्षीय समस्त जैन समाज से इस पुण्य अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने एवं अधिकाधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में सहभागी बनाने का विनम्र आग्रह किया है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। श्री दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने इस विशेष धर्म यात्रा को संपूर्ण समर्थन देते हुए भारत वर्षीय समस्त जैन समाज से इस पुण्य अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने एवं अधिकाधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में सहभागी बनाने का विनम्र आग्रह किया है। विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि गिरनार जी वह सिद्धभूमि है । जैन धर्म के जहां 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था। इस पवित्र भूमि पर पहुँचकर भगवान नेमीनाथ की मोक्ष स्थली पाँचवीं टोंक की वंदना, भक्ति करना हम सभी का परम सौभाग्य है। वर्तमान परिस्थितियों में जैन एकता के साथ धर्म संस्कृति एवं तीर्थों की सुरक्षा और अस्मिता के लिए समाज का एकजुट होना अत्यंत आवश्यक है। हर शहर,हर नगर से एक यात्रा – हमारा आह्वान एवं संकल्प है। विश्व जैन संगठन ने कहा कि चाहे 4 श्रद्धालु जाएं, 40 जाएं, 400 जाएं या 4000 महत्वपूर्ण यह है कि आपके नगर क्षेत्र से धर्म यात्रा अवश्य पहुँचे। इसका उद्देश्य गिरनार जी जैसे प्राचीन जैन सिद्धक्षेत्र पर हमारा अधिकार और आस्था संस्कृति सुरक्षित रखने का संदेश विश्व तक पहुँचाना है।

यात्रा की कार्ययोजना एवं महत्वपूर्ण तिथियाँ

विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने बताया कि भारत वर्षीय सभी मंदिर समितियों, समाज एवं संस्थाओं से आग्रह किया गया है कि मई–जून स्थानीय स्तर पर समिति गठन, चंदा संग्रह एवं बस/ट्रेन टिकट की अग्रिम बुकिंग प्रारंभ करें। 1 जुलाई यात्रियों की अंतिम सूची तैयार करें। 18-19 जुलाई गिरनार जी के लिए प्रस्थान करें। 20 जुलाई भगवान नेमीनाथ मोक्ष कल्याणक के दिन पाँचवीं टोंक वंदना एवं निर्माण लाडू समर्पित कर विशेष दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य करें।

 ना रुकेगा कारवां, ना झुकेगा स्वाभिमान

ग्लोबल महासभा राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, विश्व जैन संगठन ने अपील की है कि जो श्रद्धालु स्वयं नहीं जा सकते, वे अपनी चंचला लक्ष्मी खर्च कर किसी अन्य समाज श्रद्धालु को भेजकर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। जैन समाज ने ठाना है कि घर-घर अलख जगाकर, हर शहर से बस चलाकर नेमिनाथ प्रभु की मोक्ष स्थली पर शीश नवाना है। संगठन का उद्घोष है कि ना रुकेगा कारवां, ना झुकेगा स्वाभिमान। हर मोहल्ले से यात्रा, यही है हमारा अभियान। यदि आपके गांव, कस्बे या शहर से धर्म यात्रा नहीं गई, तो आने वाली पीढ़ियाँ अवश्य पूछेंगी —जब गिरनार जी पर हमारी आस्था सुरक्षित रखने का समय था, तब हमारा नगर कहाँ था?”

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