कविता समाचार

कविता: संजय बने सामायिक सागर : 26अप्रैल को नया इतिहास बना वैराग्य का


परतापुर में रविवार को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की। यह क्षेत्र के लिए इतिहास रचने जैसा उत्सव रहा। इस पर डडूका के अजीत कोठिया की पढ़िए, यह कविता…


बरसो की उसकी चाहत आज हुई पूरी।

संजय ने छोड़ा घर,

धारा दिगंबर भेष

छोड़ी मैना, मुक्ति, नीरा मां

पुत्र चिंतन का चिंतन त्यागा

दीक्षा को 37वर्षों से बेताब

आज हुआ पूरा संजय का ख्वाब

साधना महोदधि आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने

तराश दिया आज

संजय से एक नवमुनि

श्री सामायिक सागर!

आओ करे नमोस्तु,

आज मिली समाज को नव गणिनी मां ज्ञान प्रभा

बढ़ा परतापुर का गौरव

एक ओर मुनि दीक्षा हुई

मुनि अर्ध सागरजी के रूप में

एक आर्यिका हुई धर्म प्रभा जी

तो दो नव दीक्षित क्षुल्लिकाए,

द्रव्यप्रभा एवं भावप्रभा माताजी

नगर हुआ निहाल!

पांच दिशाएं

26अप्रैल 2026

नया इतिहास बना वैराग्य का!

सभी को नमन!

सभी को वंदन!!

सभी का अभिनंदन!!!

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