समाचार

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा निकाली गई : गुरुवर की अगवानी में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब


निकटवर्ती श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर, लार में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिंब पंचकल्याणक मानस्तंभ प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर श्री पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी की गई, जिसमें श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। पढ़िए मुकेश जैन की यह विशेष रिपोर्ट…


टीकमगढ़। निकटवर्ती श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर, लार में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिंब पंचकल्याणक मानस्तंभ प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर श्री पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी की गई, जिसमें श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। घट यात्रा के दौरान बग्गी, घोड़े, हाथी, बैंड-बाजे, डीजे, रमतूला बुंदेली रबला पार्टी एवं जेसीबी द्वारा पुष्पवर्षा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला कि पूरा मार्ग धर्ममय वातावरण में परिवर्तित हो गया।

धार्मिक उल्लास और भव्य सजावट

घट यात्रा मार्ग पर जगह-जगह आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं, जिन्हें देखकर श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर दिखाई दी। बग्गी, घोड़े, हाथी और धार्मिक झांकियों के साथ निकली यह यात्रा अत्यंत भव्य रही। बच्चे, युवा, महिलाएं एवं बुजुर्ग—हर वर्ग के श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर मुनि संघ के दर्शन करते नजर आए। कई बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे, हाथों में ध्वज लिए यात्रा में सम्मिलित हुए। सकल जैन समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में इस घट यात्रा में शामिल हुए। जहां-जहां से यात्रा नगर की सड़कों से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान जिनेंद्र के जयकारों के साथ स्वागत किया, जिससे पूरा नगर अयोध्या नगरी जैसा प्रतीत हो रहा था।

महिलाओं की विशेष सहभागिता

घट यात्रा में लगभग 300 से अधिक जैन एवं जैनेत्तर महिलाएं लाल वस्त्र धारण कर, सिर पर कलश लेकर नंगे पांव चल रही थीं, जो आस्था और समर्पण का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। पंचकल्याणक में भगवान के माता-पिता के स्वरूप धारण किए हुए श्रद्धालु भी रथ पर सवार होकर शोभायात्रा का हिस्सा बने।

नगर बना दुल्हन समान

पूरे लार नगर को बंदनवारों, रंग-बिरंगी सजावट एवं आकर्षक स्वागत द्वारों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने मुनि संघ की अगवानी में पलक-पांवड़े बिछा दिए। जैसे ही पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज घट यात्रा में पधारे, पूरे नगर में उल्लास और उमंग की लहर दौड़ गई। भगवान महावीर एवं गुरुवर के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते नजर आए।

विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन

प्रचार मंत्री मुकेश जैन एवं मीडिया प्रभारी प्रभात जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव के अंतर्गत देवज्ञा, गुरु आज्ञा, तीर्थमंडल पूजन, ध्वजारोहण, दोपहर में यज्ञ मंडल विधान एवं आचार्य श्री के मंगल प्रवचन आयोजित किए गए। रात्रि में इंद्र दरबार, तत्व चर्चा, कुबेर इंद्र द्वारा अयोध्या की रचना, रत्नवृष्टि, छप्पन कुमारियों द्वारा माता की सेवा, सोलह स्वप्न एवं गर्भ कल्याणक की यंत्रिक क्रियाएं संपन्न हुईं। साथ ही अनुनय बालिका मंडल द्वारा भव्य नाटक का मंचन भी किया गया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page