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मुनि श्री विशोध सागर जी का हुआ मंगल आगमन : अगवानी में उमड़ पड़ी त्यागियों की नगरी


त्यागियों की नगरी में मुनि श्री विशोध सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश बुधवार प्रातःकाल की मंगल बेला में हुआ। आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज  के शिष्य मुनि श्री विशोधसागर जी का मंगल विहार खंडवा से सनावद में हुआ। सनावद से पढ़िए, यह खबर…


सनावद। त्यागियों की नगरी में मुनि श्री विशोध सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश बुधवार प्रातःकाल की मंगल बेला में हुआ। मीडिया प्रभारी सन्मति जैन काका ने बताया कि आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज  के शिष्य मुनि श्री विशोधसागर जी का मंगल विहार खंडवा से सनावद में हुआ। नगर में पूर्व से विराजमान आर्यिका आगम मति माताजी सहित सभी समाजजनों ने ढकलगांव फाटा खंडवा रोड पर पहुंचकर मुनि श्री की अगवानी की। सभी समाज जन सम्मिलित होकर धर्म प्रभावना में सहयोगी बने। मुनि श्री ने नगर के जिन मंदिरों के दर्शन किए एवं श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में आचार्य श्री कुमुद नंदी जी महाराज एवं मुनि श्री विप्रणत सागर जी महाराज से प्रति नमोस्तु किया।

इसके बाद आपस में आचार्य श्री एवं मुनि श्री के बीच आध्यात्मिक चर्चा हुई। बड़े मंदिर के हॉल में प्रवचन सभा का शुभारंभ संगीता पाटोदी के मंगलाचरण से हुई। जिसमें सर्वप्रथम आर्यिका आगम मति माताजी ने अपनी देशना में कहा कि जिस पर गुरु की कृपा बनी रहती है, उसका बाल भी बांका नहीं हो सकता है। सदैव

बड़े बन के नही रहना सदैव छोटे बनकर ही अपना जीवन निर्वाह करना और अपनी आत्मा से परमात्मा बनना है।

साधु के दर्शन पुण्य से मिलते हैं

अगले क्रम में आचार्य श्री कुमुद नंदी जी महाराज ने कहा कि जिस मनुष्य में ईमानदारी, वफादारी, समझदारी, जवाबदारी ये चारों गुण जिस मनुष्य में है। उसका जीवन सार्थक है एवं आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज ने दिव्य देशना में कहा कि साधुओं के दर्शन भाग्य से मिलते हैं। साधु के दर्शन पुण्य से मिलते हैं। साधुओं के वंदना करने के भाव पुण्यात्मा जीवों के हुआ करते हैं। भगवान के प्रति नमोकार के प्रति तीर्थो के प्रति गुरुओं के प्रति हमारा जैसा समर्पण हुआ करता है, उसे अनुसार फल की प्राप्ति होती है।

इनको मिला आहारदान का सौभाग्य

इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे। आचार्य श्री कुमुद नंदी महाराज एवं आगम मति माताजी को आहार दान का सौभाग्य पाटनी ब्रदर्स परिवार एवं आचार्य श्री विप्रणत सागर जी एवं मुनि श्री विशोध सागर जी महाराज को आहारदान का सौभाग्य अरुणकुमार जैन खरगोन वाले परिवार को प्राप्त हुआ।

मुनि श्री का हुआ मंगल विहार

मुनि श्री विशोध सागर जी महाराज का मंगल विहार शाम को बेड़ियां के लिए हुआ। रात्रि विश्राम सताजना में है एवं बेड़ियां में मंगल प्रवेश 19 मार्च की प्रातः काल की मंगल बेला में होगा।

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