जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर तथा असी, मसी और कृषि के पथ प्रवर्तक भगवान आदिनाथ की जन्म जयंती शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के सभी जिनालयों में विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। पढ़िए मनीष अजमेरा की रिपोर्ट…
इंदौर। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर तथा असी, मसी और कृषि के पथ प्रवर्तक भगवान आदिनाथ की जन्म जयंती शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के सभी जिनालयों में विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। इस अवसर पर शहर के सभी जिनालयों में प्रातः नित्य नियम पूजन के पश्चात भगवान का अभिषेक किया गया तथा श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। प्रातःकाल श्रद्धालुओं द्वारा प्रभात फेरी भी निकाली गई। उन्होंने बताया कि आदिनाथ जयंती से लेकर महावीर जयंती (30 मार्च) तक विभिन्न धार्मिक आयोजनों का विधिवत शुभारंभ सामाजिक संसद के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल द्वारा कांच मंदिर में भगवान आदिनाथ के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर विनय बाकलीवाल ने कहा कि भगवान आदिनाथ ने संपूर्ण विश्व को असि (रक्षा), मसि (लेखन एवं व्यापार), कृषि (खेती), विद्या, शिल्प (कला) और वाणिज्य इन छह विद्याओं का मार्ग बताकर मानव को आत्मनिर्भर जीवन जीने की प्रेरणा दी।
उन्होंने बताया कि आदिनाथ जयंती से लेकर महावीर जयंती तक शहर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डी.के. जैन, नकुल पाटोदी, संजय बाकलीवाल, संजय जैन, जेनेश झांझरी, पिंकेश टोंग्या, विजय कासलीवाल, अशोक जैन सहित अनेक श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित थे।













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