श्री दिगंबर जैन कुंदकुंद कहान स्वाध्याय मंडल ट्रस्ट, महरौनी के अंतर्गत हुए श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव की प्रथम वर्षगांठ के मंगल अवसर पर श्री दिगंबर जैन महावीर पंचबालयति जिनालय में श्रद्धेय बाल ब्रह्मचारी पंडित श्री रविंद्र जी आत्मन द्वारा रचित श्री सम्मेद शिखर मंडल विधान का आयोजन बहुत ही उत्साह पूर्वक किया गया। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…
महरौनी। श्री दिगंबर जैन कुंदकुंद कहान स्वाध्याय मंडल ट्रस्ट, महरौनी के अंतर्गत हुए श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव की प्रथम वर्षगांठ के मंगल अवसर पर श्री दिगंबर जैन महावीर पंचबालयति जिनालय में श्रद्धेय बाल ब्रह्मचारी पंडित श्री रविंद्र जी आत्मन द्वारा रचित श्री सम्मेद शिखर मंडल विधान का आयोजन बहुत ही उत्साह पूर्वक किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ श्री जिनेंद्र अभिषेक एवं संगीतमय जिनेंद्र पूजन के साथ किया गया। पूजन के बाद श्री सम्मेद शिखरजी विधान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य कलश विराजमान कर्ता आनंद कुमार, रवि कुमार, सुमित कुमार सराफ परिवार महरौनी रहे। अन्य चार कलश क्रमशः आनंद कुमार चौधरी परिवार एवं पुष्पेंद्र कुमार, पर्व कुमार जैन चौधरी परिवार बानपुर, राजकुमार निखिलेश कुमार जैन सिंघई परिवार महरौनी, सुनीता, वर्षा जैन वैद्य परिवार टीकमगढ़ एवं कैलाश चंद्र चौधरी परिवार महरौनी द्वारा विराजमान किए गये।
विधान की महिमा बताई
विधान के पश्चात टीकमगढ़ से पधारीं विदुषी ब्र. बहिन ममता दीदी द्वारा शास्त्र प्रवचन के माध्यम से पिछले साल हुए पंचकल्याणक महोत्सव के स्मरण के साथ सम्मेद शिखर विधान की महिमा बताई गई। उन्होंने बताया कि आयोजन में अपना प्रयोजन कभी नहीं भूलना चाहिए। अनंत सिद्ध भगवंतों को याद करते हुए हम भी उन समान सिद्ध पद प्राप्त करें ऐसी भावना हमेशा भाते रहना चाहिए। समस्त कार्यक्रम पंडित श्री राजेंद्र कुमार जी जैन चंदावली टीकमगढ़ के विधानाचार्यत्व एवं पंडित आशीष शास्त्री और विकास शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुए। कार्यक्रम में स्थानीय सधर्मीजनों के अलावा बानपुर और टीकमगढ़ से भी सधर्मीजन शामिल रहे।













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