पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए भक्तामर वाले बाबा आचार्य विनम्रसागर महाराज ने कहा कि विनय के बिना ज्ञान में वृद्धि नहीं होती। विनम्रता से ज्ञान, ज्ञान से धर्म और धर्म से पुण्य बढ़ता है। पढ़िए राजीव सिंघाई की विस्तृत रिपोर्ट…
ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए भक्तामर वाले बाबा आचार्य विनम्रसागर महाराज ने कहा कि विनय के बिना ज्ञान में वृद्धि नहीं होती। विनम्रता से ज्ञान, ज्ञान से धर्म और धर्म से पुण्य बढ़ता है। आत्मा के निर्मल परिणाम ही पुण्य है। पवित्र कार्यों से धर्म और धर्म कार्यों में प्रभु आराधना और साधु संगति से जीवन में परिणामों में निर्मलता आती है। आचार्य श्री ने कहा कि पहले कमाओ फिर खाओ और प्रभु की आराधना क,रो इसी में ही जीवन का कल्याण है। आचार्य श्री ने कहा कि पाप हटाते जाओ, तुम पुण्य बढ़ाते जाओ। करो ऐसा उपक्रम, जितना ज्यादा पुण्य बढ़े, उतना ही आनंद बढ़े।
जीवन में संस्कारों की महिमा के बारे में बताया
धर्मसभा का शुभारम्भ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज एवं आचार्य विरागसागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर हुआ। इसके पूर्व नगर गौरव आर्यिका विनेह श्री माता जी ने जीवन में संस्कारों की महिमा को बताया और अपने प्रेरक संस्मरण सुनाते हुए श्रावकों को धर्माचरण की ओर अग्रसर होने को कहा। इस मौके पर महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, मंदिर प्रबंधक कपूरचंद लागौन, भगवानदास कैलगुवा, धार्मिक संयोजन मनोज जैन बबीना, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, रामप्रकाश जैन ममता स्पोर्ट, संजीव जैन, धन्यकुमार जैन एड, अनंत सराफ, का. जिनेन्द्र जैन, पुष्पेन्द्र अनौरा, चंदन सिंघई, अमित सराफ पुल्ली, वीणा जैन, अनीता मोदी, उमा जैन सैदपुर सहित दूरांचलों से गुरुभक्तों की उपस्थिति रही।
भक्तामर शिविर का शुभारम्भ 9 को
जैन अटामंदिर आचार्य श्री विनम्रसागर महाराज के सानिध्य में भक्तामर प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ 9 जुलाई को किया जा रहा है, जिसके लिए दिगम्बर जैन पंचायत द्वारा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गौरतलब रहे कि यह शिविर 20 वर्ष पूर्व नगर में लगाया गया था, जिसमें अनेक श्रावक संस्कारित हुए। जैन समाज में शिविर को लेकर उत्साह का माहौल है।













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