समाचार

1008 शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को नई वेदी में प्रतिष्ठित किया गया : भक्तों में भक्ति और हर्ष की बयार


बड़ा मंदिर स्टेशन रोड में 1008 शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को नई वेदी में प्रतिष्ठित किया गया। भगवान की 5 टन की प्रतिमा गुरुदेव के आशीर्वाद और त्याग से फूल जैसी हल्की हो गई। भक्तों ने पुराने स्थान से भगवान को नई वेदी में विधि विधान पूजा और मंत्रों के जाप से प्रतिष्ठित किया। पढ़िए राजकुमार अजमेरा की रिपोर्ट…


कोडरमा। बड़ा मंदिर स्टेशन रोड में 1008 शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को नई वेदी में प्रतिष्ठित किया गया। भगवान की 5 टन की प्रतिमा गुरुदेव के आशीर्वाद और त्याग से फूल जैसी हल्की हो गई। भक्तों ने पुराने स्थान से भगवान को नई वेदी में विधि विधान पूजा और मंत्रों के जाप से प्रतिष्ठित किया। समाज के सैकड़ों युवाओं ने केसरिया वस्त्र पहनकर भगवान की शांतिधारा की। महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। भगवान की निर्विघ्नं स्थापना के लिए मंत्रों का जाप किया गया। 1008 श्री पारसनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ 71 सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा घट यात्रा व नगर भ्रमण कर वेदी की जल से शुद्धि की गई और हल्दी और केसर लेप से भी विशेष शुद्धि के साथ सभी महिलाओं ने केसर और हल्दी की होली खेली व भगवान के रंग में रंग गए। फिर वेदी का उदघाट्न जसपुर से आए गुरु भक्त आनंद जैन परिवार के द्वारा किया गया।

भव्य मंदिर बनाने की योजना अपने आप मे एक तीर्थ नगरी जैसा

इसके पश्चात श्री1008 देवाधिदेव शांतिनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा को परम पूज्य जैन संत श्रमण मुनि सुयश सागर जी के मंगल आशीर्वाद एवमं मुनि श्री के हाथों से पांच टन की प्रतिमा फूल जैसे हो गई और सभी युवा लकड़ी के टेबल पर रख कर अस्थाई वेदी पर विराजमान किया। वेदी पर विराजमान ओर प्रथम अभिषेक ओर शांतिधारा का सौभाग्य सुरेश-प्रेम जैन पांड्या परिवार को प्राप्त हुआ। चौमुखी वेदी पर 4 भगवान को विराजमान, प्रथम अभिषेक, शांतिधारा का सौभाग्य अजित जैन, अजय जैन, अनिल जैन, राकेश जैन को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात सभी भक्तों ने 1008 आदिनाथ भगवान की प्रतिमा को बाहर पांडुक शिला पर विराजमान किया गया।

जहां समाज के सभी लोगों ने अभिषेक किया। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि इस तरह का भव्य मंदिर बनाने की योजना अपने आप मे एक तीर्थ नगरी जैसा है झुमरी तिलैया में भक्तों की भक्ति से पता चलता है कि यहां के सभी लोगो मे नया मंदिर बनाने की बहुत उत्सुकता है और जल्द ही ये मंदिर एक नया रूप लाकर एक तीर्थ नगरी बन जाएगा, सभी प्रतिमाओं का परम पूज्य मुनि श्री सुयशसागर सागर महाराज की मुखारविंद से मंत्रोच्चारण कर अभिषेक एवं शांति धारा किया गया। तत्पश्चात समाज के सभी लोगों ने प्रतिमा पर अभिषेक किया गया। इसके साथ ही याग मंडल विधान, जाप और हवन कर नवीन वेदी में भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा विराजमान किया गया। चातुर्मास के संयोजक नरेंद्र झाझंरी ने कहा कि गुरुदेव के चातुर्मास में प्रतिदिन पूरे भारतवर्ष के भक्त आ रहे हैं। गुरु की तपस्या और त्याग अपने आप लोगों को खींच कर ले आती है नए मंदिर निर्माण के संयोजक सुरेश जैन झाझंरी और सुशील जैन छाबड़ा ने कहा कि बहुत जल्द आधुनिक जैन मंदिर आप सभी के सहयोग से बनकर तैयार होगा। पूजा के पश्चात सभी भक्तों को वात्सल्य प्रसाद किशोर जैन पांड्या एवं सुशील जैन छाबड़ा परिवार के द्वारा कराया गया। यह सभी जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा, नवीन जैन ने दी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page