निर्मल सेवा सदन छीपीटोला में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम् प्रिय शिष्य परम पूज्य मुनि श्री 108 साक्ष्य सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 योग्य सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 निवृत सागर जी महाराज जी के सानिध्य में आगरा के इतिहास में पहली बार सिद्ध पुरुष श्री राम कथा पदम पुराण जैन रामायण वाचना हुई l पढ़िए राहुल जैन की रिपोर्ट…
आगरा। निर्मल सेवा सदन छीपीटोला में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम् प्रिय शिष्य परम पूज्य मुनि श्री 108 साक्ष्य सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 योग्य सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 निवृत सागर जी महाराज जी के सानिध्य में आगरा के इतिहास में पहली बार सिद्ध पुरुष श्री राम कथा पदम पुराण जैन रामायण वाचना हुई l इसके बाद दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट, मंगलाचरण हुआ। मुनि श्री 108 साक्ष्य सागर जी महाराज जी एवं मुनि श्री 108 निवृत सागर जी महाराज जी ने पद्म पुराण कथा के अन्तर्गत अपनी मंगलमय वाणी में बताया कि यह संसार महाअंधकार का वन है l इस वन में एक बार जो चला जाता है, उसका निकलना बहुत कठिन हो जाता है।
कारण को देखें
उन्होंने कहा कि कार्य जब भी दिखाता है, उसके पीछे कोई कारण “अवश्य होता है। अज्ञानी जीव कारण नहीं देखता सिर्फ कार्य को देखता है। इससे सदैव दुखी रहता है। कारण जानने से दुख नहीं होता। हम सारे संसार को समाप्त नही कर सकते l लेकिन अपने संसार का खत्म कर सकते हैं l नियम जीवन में सहजता से लेने चाहिए। प्रतिकृमण भी द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव के माध्यम से होता है l उधर सीता अपने शील की परीक्षा देने मैदान में खड़ी हैं और अग्नि के माध्यम से परीक्षा का आदेश हुआ l कुलंकार (कुल के अलंकार), कुलंगगार (कुल के अंगार) इस प्रकार दो प्रकार की सन्तान होती हैं। आदेश सुन सीता जी शीघ्रता से पंच परमेष्टी का स्मरण करते हुए अग्नि में प्रवेश कर गईं।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अनिल जैन कांटा, मंत्री प्रवेश जैन, रविंद्र जैन (कोषाध्यक्ष), प्रदीप जैन सी.ए, राजेश जैन, विवेक जैन, आशु जैन (बाबा), रोहित जैन, दिनेश जैन, राजीव जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन आदि थे l आगरा के इतिहास में पहली बार सिद्ध पुरुष श्री राम कथा पदम पुराण जैन रामायण वाचना की 10 नवंबर 2023 को सुबह 8:30 बजे निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला आगरा में होगा l













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