सम्पूर्ण भारत वर्षीय जैन समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने ‘जैन अध्ययन केंद्र’ और ‘जैन पांडुलिपि विज्ञान केंद्र’ की स्थापना की स्वीकृति दी। जैन कृतज्ञ है कि महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी, चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। सम्पूर्ण भारत वर्षीय जैन समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने ‘जैन अध्ययन केंद्र’ और ‘जैन पांडुलिपि विज्ञान केंद्र’ की स्थापना की स्वीकृति दी। जैन कृतज्ञ है कि महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी, चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत सरकार द्वारा जैनधर्म की संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जैन अध्ययन केन्द्र हेतु 25करोड़ एवं जैन पांडुलिपि विज्ञान केन्द्र हेतु 40 करोड़ रुपए अनुदान की घोषणा से भारत वर्षीय जैन समाज हर्षित है। इंदौर दिगम्बर जैन समाज सामाजिक संसद के मंत्री डॉ. जैनेन्द्र जैन, सुशील पांड्या, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका, राजेश जैन दद्दू, हंसमुख गांधी, टीके वेद, राजीव जैन बंटी, परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष मुक्ता जैन, सारिका जैन आदि ने कहा है कि प्रधानमंत्री की जैन धर्म के प्रति दूरदृष्टि और ‘विरासत से विकास, विरासत से संवर्धन’ के आदर्श के अनुरूप, ये केंद्र जैन दर्शन, शिक्षा, अनुसंधान और जैन साहित्य के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।













Add Comment