राजस्थान की धरती पर जिन जैन संतों ने अपने साहित्य के माध्यम से संयम, नियम और धर्म के प्रति जनमानस में अलख जगाई है। उसी का प्रतिफल है कि जैन धर्म और भगवान...
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राजस्थान की धरती जैन संतों के जन्म और उनके धर्म के प्रति किए गए कर्म के लिए जानी जाती है। राजस्थान में सर्वाधिक जैन संतों की लंबी विरासत रही है। इनमें से कई तो...
राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व और कृतित्व श्रंखला में राजस्थान की धरती पर हुए जैन संतों ने बहुत सा साहित्य रचा। वही साहित्य आज गुरु-शिष्य परंपरा का अलग महत्व...
राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व और कृतित्व श्रंखला में आज जैन संत श्री संयमसागर जी के बारे में जानते हैं। संत श्री संयमसागर जी भट्टारक कुमुदचंद्र के शिष्य थे।...
राजस्थान के जैन संत: व्यक्तित्व और कृतित्व के माध्यम से संतों और साधुओं के जीवन और उनके काल में हुए जैन धर्म के प्रति जनजागरण के बारे में जान रहे हैं। ऐसे...
राजस्थान में जैन संतों ने आगम काव्य, पुराण, नाटक और छंद लिखे। इसमें गुरुओं के स्तवन किया गया। संत श्री सुमति सागर ऐसे संत रहे, जिन्होंने दो भट्टारकों का काल...
राजस्थान के जैन संतों ने अपने गुरुओं की कीर्ति का खूब बखान किया है। राजस्थान की धरती पर जैन संतों की स्थापित परंपरा में कई संतों ने अपने लेखन के माध्यम से जैन...
राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व एवं कृतित्व के तहत राजस्थान में जन्में, यहीं पर संत बने और यहीं की भाषा में साहित्य की रचना कर जन-जन तक धर्म प्रभावना पहुंचाने...
राजस्थान के जैन संतों के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में पढ़ने के बाद एक बात तो स्पष्ट है कि राजस्थान के धरती पर जितने भी संतों ने जन्म लिया। उन्होंने...
राजस्थान में जैन संतों की कड़ी बहुत लंबी है। इनमें एक से एक उद्भट्ट विद्वान सामने आए हैं। जिन्होंने न केवल साहित्य सृजन कर शास्त्रों को समृद्ध किया है बल्कि जैन...








