Tag - श्रावकाचार

समाचार

समयसार की वाचना में मुनिश्री ने कहा — कोरा ज्ञान किसी काम का नहीं, आचरण ही सच्चा धर्म है : ज्ञान बोलता है और चारित्र मौन रहता है — मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि केवल ज्ञान को रटने या बोलने से कुछ नहीं होता, उसे आत्मसात करना आवश्यक है।...

समाचार

आचार्यश्री के वचन-साधु समाधि साधना से मरण को सुमरण बनाते हैं: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने भक्ति और साधना का महात्म्य बताया 

वीतरागी, सर्वज्ञ और हितोपदेशी भगवान द्वारा प्रतिपादित जिन धर्म केवलज्ञान रूपी लक्ष्मीयुक्त है। जो धर्मधारण पालन करने से मिलती है। धर्म का संग्रह और धन के...

समाचार

पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक आचार्य वर्धमान सागर जी के सानिध्य में श्रद्धा और भक्ति से मनाया : जिन पूजन करने वाला एक दिन पूज्यता को प्राप्त होता है 

टोंक में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धर्मसभा में महिलाओं को...

समाचार

शिविर में बताया कार नहीं संस्कार जरूरी : जीवनोपयोगी शिक्षा को प्रदान की जा रही

ग्रीष्मकालीन शिक्षण शिविर का आयोजन देश भर में श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है।बागड क्षेत्र के धर्म नगरी नौगामा में भी श्रमण संस्कृति शिक्षण...

ग्रन्थमाला

जो प्रशंसा के साथ गलतियां भी बताए, वही सच्चा

यह तुमने अच्छा किया। यह तुमने गलत किया। तुम्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए। यह बात बताने वाला ही सच्चा मित्र होता है, क्योंकि वह तुम्हें जीवन की सच्चाई से...

You cannot copy content of this page