मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि केवल ज्ञान को रटने या बोलने से कुछ नहीं होता, उसे आत्मसात करना आवश्यक है।...
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वीतरागी, सर्वज्ञ और हितोपदेशी भगवान द्वारा प्रतिपादित जिन धर्म केवलज्ञान रूपी लक्ष्मीयुक्त है। जो धर्मधारण पालन करने से मिलती है। धर्म का संग्रह और धन के...
टोंक में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धर्मसभा में महिलाओं को...
ग्रीष्मकालीन शिक्षण शिविर का आयोजन देश भर में श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है।बागड क्षेत्र के धर्म नगरी नौगामा में भी श्रमण संस्कृति शिक्षण...
यह तुमने अच्छा किया। यह तुमने गलत किया। तुम्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए। यह बात बताने वाला ही सच्चा मित्र होता है, क्योंकि वह तुम्हें जीवन की सच्चाई से...








