Tag - राजस्थान

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 30 कारीगरों को धूल के अनुसार किया जाता था भुगतान अद्भुत नक्काशी से युक्त है यह जैन मंदिर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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महावीर जयंती पर राजस्थान में स्लॉटर हाउस बंद रखे जाएं: जैन पत्रकार महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

जैन पत्रकार महासंघ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। इसमें मांग की है कि महावीर जयंती पर पूरे राज्य में सभी स्लॉटर हाउस एवं मांस विक्रय प्रतिष्ठान...

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हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी महावीर जयंती : मोक्ष कल्याणक पर चढ़ाया निर्वाण लाडू

श्रीअजीत नाथ भगवान और संभावनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के लिए निर्वाण लाडू चढ़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 1008 आदिनाथ मंदिर, 1008...

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राजस्थान के जैन संत 33 भट्टारक रत्नचंद्र (प्रथम) ने तीर्थंकर भगवानों का किया गुणानुवाद: भट्टारक सकलचंद्र के शिष्य की रचना रही श्रेष्ठ

राजस्थान की धरती जैन संतों के जन्म और उनके धर्म के प्रति किए गए कर्म के लिए जानी जाती है। राजस्थान में सर्वाधिक जैन संतों की लंबी विरासत रही है। इनमें से कई तो...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 29 एक हजार साल पुराना है इस मंदिर का इतिहास गाय रोज दूध देती थी इस मूर्ति के स्थान पर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 32 संत श्री त्रिभुवन कीर्ति ने अपने रास में रोमांचक घटनाओं को संजोया: राजस्थान के जैन संतों की परंपरा में श्रेष्ठ विद्वान थे त्रिभुवन कीर्ति 

राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व और कृतित्व श्रंखला में राजस्थान की धरती पर हुए जैन संतों ने बहुत सा साहित्य रचा। वही साहित्य आज गुरु-शिष्य परंपरा का अलग महत्व...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 31 जैन संत संयमसागर जी का साहित्य में रहा बड़ा योगदान: गुरु वंदना से लेकर भगवान की भक्ति के पदों की रचना 

राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व और कृतित्व श्रंखला में आज जैन संत श्री संयमसागर जी के बारे में जानते हैं। संत श्री संयमसागर जी भट्टारक कुमुदचंद्र के शिष्य थे।...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 30 ब्रह्म गणेश ने अपने गुरुजनों का परिचय किया प्रस्तुत: इतिहास को मोड़ने का किया कार्य

राजस्थान के जैन संत: व्यक्तित्व और कृतित्व के माध्यम से संतों और साधुओं के जीवन और उनके काल में हुए जैन धर्म के प्रति जनजागरण के बारे में जान रहे हैं। ऐसे...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 29 आगम काव्य, पुराण, नाटक छंद शास्त्र के वेत्ता थे संत श्री सुमति सागर: अभयनंदी एवं रत्नकीर्ति दोनों के स्तवन गीत लिखे

राजस्थान में जैन संतों ने आगम काव्य, पुराण, नाटक और छंद लिखे। इसमें गुरुओं के स्तवन किया गया। संत श्री सुमति सागर ऐसे संत रहे, जिन्होंने दो भट्टारकों का काल...

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राजस्थान के जैन संत 28 धर्म आराधना के साथ गुरु वंदना कर साहित्य की रचना का दौर: ब्रह्म जयराज ने अपनी रचना में गुरु छंद लिखे

राजस्थान के जैन संतों ने अपने गुरुओं की कीर्ति का खूब बखान किया है। राजस्थान की धरती पर जैन संतों की स्थापित परंपरा में कई संतों ने अपने लेखन के माध्यम से जैन...

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