Tag - यथार्थपरक श्लोक

समाचार

सद्गृहस्थ के चित्त की स्थिरता में वित्त की स्थिरता अनिवार्य : प्रकृति का नियम है कि जो निरंतर गतिशील है वही जीवित है

भारतीय मनीषा के इस यथार्थपरक श्लोक में जीवन का वह नग्न सत्य प्रतिध्वनित होता है, जिसे समाज प्रतिदिन देखता तो है, किंतु स्वीकार करने में संकोच करता है। संसार का...

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