Tag - प्रवचन

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य - 11 मोह-माया से मुक्ति में है जीवन की शांति का सूत्र : संतोष और सादगी से मिलता है धर्म का वास्तविक मार्ग

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

समाचार

चीज में आनंद मिले वही तुम्हारा भविष्य है: मुनिश्री ने जीवन-दर्शन पर दिए उपदेश

निर्यापक मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज़ सागर में विराजमान होकर जैन समाज को धर्म प्रभावना से रोज आलोकित कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान कर रहे हैं। अपनी धर्मसभा...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य - 10 वाणी के सामर्थ्य से होता है प्रेम और शांति का प्रसार : मधुर वाणी से आती है धार्मिकता और मिलता है कल्याण का मार्ग

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य - 9 चिंता से प्रभावित होती है मानसिकता : ईश्वर में आस्था है चिंता से मुक्ति का मार्ग

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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घर में एक पवित्र स्थान जरूर बनाओः मुनिश्री ने दी तनाव मुक्त जीवन जीने और धर्म करने की सलाह

निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज की अमृतवाणी जैन श्रावकों के लिए बहुत पुण्यकारी साबित हो रही है। उनके प्रवचनों में रोज जीवन, धर्म और संयम के साथ...

समाचार

दोहों का रहस्य -8 आत्मा की गहराई और श्रद्धा का प्रतिबिंब है वाणी : सकारात्मक वाणी लाती है समाज में संतुलन और आत्मा की शांति

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -7 बाहरी पूजा का वास्तविक अर्थ जानें : आडंबर और दिखावे की आलोचना करना जरूरी 

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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जब खुद ही अच्छा नहीं अच्छे की कल्पना करना व्यर्थ-श्री सुधासागरजी महाराजः अपने से अधिक सज्जन, धर्मात्मा को पीठ दिखाई नही जाती 

इस संसार में यदि कहीं सुख की झलक होती तो कोई संसार को नहीं छोड़ता। जब संसार में सुख नहीं है तो छोड़ना तो पड़ेगा। संसार का कोई क्षेत्र, कोई काल अच्छा नहीं है...

समाचार

रजत जिनबिंबों की ढलाई के साक्षी बने श्रद्धालु : आदिनाथ जिनालय में 9 से 14 फरवरी तक होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव के साथ विराजेंगी प्रतिमाएं

 साक्षी परिसर विद्याधाम में रविवार को जुटे जैन धर्मावलंबियों के लिए कभी न भूलने वाला और भक्तिभाव से रोमांचित करने वाला था। यहां एक साथ तीन पीढ़ियों ने 11 किलो...

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दोहों का रहस्य -6 प्रेम और करुणा का महत्व : सच्चा ज्ञान हृदय की पवित्रता और प्रेम के माध्यम से ही हो सकता है प्राप्त

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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