दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
Tag - प्रवचन
जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
मुनिश्री विनम्र सागर जी महाराज कालानी नगर स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन त्रिमूर्ति मंदिर में धर्म सभा को नित संबोधित कर रहे हैं। यहां पर प्रवचनों के अलावा...
अहिच्छत्रा, एक प्राचीन नगर, इतिहास और धर्म के संगम का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, विशेषकर जैन धर्म के संदर्भ में। यह न केवल प्राचीन भारत के 52 जनपदों में से एक...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
निर्यापक मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज़ सागर में विराजमान होकर जैन समाज को धर्म प्रभावना से रोज आलोकित कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान कर रहे हैं। अपनी धर्मसभा...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज की अमृतवाणी जैन श्रावकों के लिए बहुत पुण्यकारी साबित हो रही है। उनके प्रवचनों में रोज जीवन, धर्म और संयम के साथ...








