Tag - प्रवचन

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आचार्यश्री शांति सागरजी का प्रतिरूप हैं 90 वर्षीय ज्ञानमती माताजी-आर्यिकाश्री चन्दनामती माताजीः जैन धर्म कीे पताका फहराने का संदेश दे रही है

मेरा परम सौभाग्य है कि ऐसे चारित्र्य चक्रवर्ती आचार्यश्री शांति सागरजी महाराज का वर्तमान में आचार्य पदारोहण का शताब्दी वर्ष चल रहा है। उन्हें समडोली...

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एक मार्च से आयोजित होगा महामस्तकाभिषेक महोत्सव : अखिल भारतीय महिला सम्मेलन सहित कई कार्यक्रम भी होंगे

 प्राचीन अतिशयकारी क्षेत्र में 1 से 2 मार्च 2025 तक महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन विशेष रूप से भगवान अरहनाथ के विश्व के एकमात्र अतिशय...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-10 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : दैनिक जीवन में इन्हें अपनाओ – भगवान महावीर की दृष्टि में

दैनिक जीवन की सभी छोटी-बड़ी प्रवृत्ति सावधानीपूर्वक करें। ‘आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत‘ इस प्राचीन सूत्र के अनुसार ऐसा कोई भी आचरण न करें, जो दूसरों के...

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दोहों का रहस्य -42 अहंकार, लोभ, और व्यक्तिगत इच्छाओं का पूर्ण त्याग करें : सच्चे प्रेम और सेवा के लिए व्यक्ति को अपने आत्म-स्वार्थ को छोड़ना होगा

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

लाइफ मैनेजमेंट श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-9 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : पानी बचाओ बिजली बुझाओ – भगवान महावीर की दृष्टि में

मन-वचन-काय की प्रत्येक एक्टिविटी (क्रिया) में सावधानी हो। ऐसी सावधानी जिससे बाद में दण्ड न भुगतना पडे़, पछताना न पडे़। महावीर भगवान् ने इसके लिए एक शब्द दिया...

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दोहों का रहस्य -41 अपने सच्चे मूल्यों को बनाए रखें : अपने भीतर के ईश्वर को पहचानना जरूरी

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 24 पद्मावती माता की बहुत अधिक मान्यता है यहां दक्षिणमुखी है यहां मूलनायक की मूर्ति 

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-8 ईश्वर में विश्वास रखकर अपने लक्ष्य को पूरा करें : बड़े लक्ष्यों के लिए छोटे-छोटे स्वार्थ छोड़ दें

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -40 हम सिमरन में मन नहीं लगाते, तो हमारा जीवन दिशाहीन हो जाता है : जीवन में सच्चे संतों, ज्ञानी पुरुषों और सत्संग का महत्व समझें

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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आपका परिवार या गुरु निर्णय नहीं कर पा रहे है तो इंतजार करो, प्रकृति निर्णय करेगी- निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधा सागरजी महाराजः वचन ही नहीं, मन भी सत्य होता है 

मेरे जीवन मे यह कार्य हो पायेगा या नहीं? जो निर्णय कर चुके है कि हो ही नही पायेगा, मैं पास हो ही नहीं सकता, उनके लिए तो कोई उपदेश होता नहीं क्योंकि वो तो...

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