जैन धर्मवालंबियों ने पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया। प्रातः भक्त जनों पुरुष युवाओं ने केसरिया वस्त्र धोती दुपट्टा...
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इंंदौर। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर राजेन्द्र नगर में पयुर्षण पर्व में आरती का आयोजन हुआ। आरती के सौभाग्यशाली सुधा देवेन्द्र जैन एवं उनके परिवार ने नृत्य...
सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में पर्वराज दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रातः...
शौच का अर्थ शुचिभूत होना अर्थात् काल से आत्मा सप्तधातु मय शरीर के संसर्ग से अपवित्र कहलाता है। इस अपवित्र शरीर से भिन्न जो शुद्धात्मा का ध्यान करके उसी में रत...
जीवन में साफगोई और स्वच्छता बडे़ मायने रखती है। स्वच्छता को ही जीवन में उतारने का भाव दर्शाता है दसलक्षण पर्व का चौथा दिन। यानी उत्तम शौच धर्म। जीवन में फैली...
उत्तम शौच धर्म का अर्थ होता है उत्तम शुद्धता और स्वच्छता का धर्म। यह विचारधारा दर्शाती है कि स्वच्छता केवल शारीरिक या बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह...
20 वी सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधिश राष्ट्र गौरव वात्सल्य वारिधि तपोनिधि 108 आचार्य श्री वर्द्धमान...
अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा की धरा पर वर्षायोगरत आचार्य श्री वसुनन्दी महाराज की सुशिष्या आर्यिका वर्धस्व नंदिनी माताजी ने दस लक्षण पर्व के तीसरे दिवस वृहद...
सकल दिगंबर जैन समाज रायपुर द्वारा 8 से 17 सितंबर तक दसलक्षण महापर्व मानने जा रहा है। आत्म शुद्धि के इस महापर्व के आज तीसरे दिन 10 सितंबर भाद्रपद शुक्ल पक्ष...
क्रोध कषाय का अभाव होना – क्षमा धर्म है। मान कषाय का अभाव होना – मार्दव धर्म है। माया कषाय का अभाव होना – आर्जव धर्म है । अब आगे धर्म के...








