Tag - जैन सोसायटी

राजस्थान के संत समाचार

दोहों का रहस्य -45 सच्ची भक्ति और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलें : सांसारिक विषयों की जगह ईश्वर से जोड़ें मन

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में होगा कार्यक्रम : सिद्धवरकूट वार्षिक मेला महोत्सव आयोजन 13 और 14 मार्च को

बहुप्रतीक्षित सिद्धवरकूट वार्षिक मेला महोत्सव 2025 13 और 14 मार्च 2025 को श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट में आयोजित होने जा रहा है। यह दो दिवसीय...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-12 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : एकाग्रता, जीवन की समग्रता- भगवान महावीर की दृष्टि में

मन-वचन-काय तीनों के प्रयास संयत हों। संयत प्रयास ही जीवन में संतुलन बनाते हैं। यही संतुलन आदमी को निश्चिंत बनाता है। निश्चिंत होना ही ध्यान है। ध्यान एकाग्रता...

राजस्थान के संत

दोहों का रहस्य -44 सच्ची भक्ति और आत्मज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं, तो अपने दोषों को स्वीकार करना सीखें  

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -43 मनुष्य का मूल्य उसकी चेतना, ज्ञान और कर्मों में निहित है : कर्महीन व्यक्ति भटकता रहता है जीवन में 

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-11 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : टी.वी. बच्चों को बनाती है ऐबी – भगवान महावीर की दृष्टि में

बच्चों पर टी.वी. देखने से मानसिक कुप्रभाव सबसे ज्यादा और गहरे समय तक के लिए पड़ता है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि टी.वी. देखने से बच्चों में पढ़ाई की रुचि कम हो...

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एक मार्च से आयोजित होगा महामस्तकाभिषेक महोत्सव : अखिल भारतीय महिला सम्मेलन सहित कई कार्यक्रम भी होंगे

 प्राचीन अतिशयकारी क्षेत्र में 1 से 2 मार्च 2025 तक महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन विशेष रूप से भगवान अरहनाथ के विश्व के एकमात्र अतिशय...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-10 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : दैनिक जीवन में इन्हें अपनाओ – भगवान महावीर की दृष्टि में

दैनिक जीवन की सभी छोटी-बड़ी प्रवृत्ति सावधानीपूर्वक करें। ‘आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत‘ इस प्राचीन सूत्र के अनुसार ऐसा कोई भी आचरण न करें, जो दूसरों के...

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दोहों का रहस्य -42 अहंकार, लोभ, और व्यक्तिगत इच्छाओं का पूर्ण त्याग करें : सच्चे प्रेम और सेवा के लिए व्यक्ति को अपने आत्म-स्वार्थ को छोड़ना होगा

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

लाइफ मैनेजमेंट श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-9 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : पानी बचाओ बिजली बुझाओ – भगवान महावीर की दृष्टि में

मन-वचन-काय की प्रत्येक एक्टिविटी (क्रिया) में सावधानी हो। ऐसी सावधानी जिससे बाद में दण्ड न भुगतना पडे़, पछताना न पडे़। महावीर भगवान् ने इसके लिए एक शब्द दिया...

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