पंचम पट्टाधीश आचार्यश्री वर्धमान सागरजी महाराज अपने संघ के शिष्यों 15 साधुओं सहित गामड़ी में विराजित हैं। गामड़ी संघस्थ आर्यिकाश्री शीतलमतिजी की गृहस्थ अवस्था की...
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तपोभूमि उज्जैन में आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज के आशीर्वाद और अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में 17 फीट ऊंचे भगवान महावीर स्वामी का...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
अहिच्छत्रा, एक प्राचीन नगर, इतिहास और धर्म के संगम का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, विशेषकर जैन धर्म के संदर्भ में। यह न केवल प्राचीन भारत के 52 जनपदों में से एक...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...








