Tag - Spirituality

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अंबाह में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन धर्म और संस्कृति का संगम, महिला मंडल ने किया सम्मान : प्रवचन, प्रश्न मंच और सखी नाटक से गूंजा श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर परिसर

अंबाह स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना, प्रवचन, प्रश्न मंच और महिला मंडल द्वारा सम्मान...

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आईटी सिटी बैंगलोर में युवा और उनके परिवार धर्म की ओर अग्रसर : दस उपवास कर रहे श्रावक-श्राविकाओं का विशेष सम्मान

बैंगलोर में जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। दस उपवास करने वाले श्रावक-श्राविकाओं का विशेष सम्मान किया गया और उनके तप एवं...

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आचार्य वर्धमान सागर जी ने समझाया आकिंचन्य धर्म का महत्व : दस लक्षण पर्व के नवें दिन हुआ भव्य पंचामृत अभिषेक

दस लक्षण महापर्व के नवें दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने आकिंचन्य धर्म पर प्रवचन देते हुए बताया कि बहिरंग और अंतरंग परिग्रह से मुक्त होकर आत्मा का चिंतन करना ही...

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दान, सदाचरण और संयम से जीवन में आती है शांति : त्याग इंसान को भगवान बना देता है – क्षुल्लक महोदय सागर

धरियावद में पर्वराज पर्यूषण के आठवें दिन क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ने धर्मसभा में त्याग धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि त्याग से इंसान भगवान बन जाता...

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सहारनपुर में दशलक्षण पर्व पर आचार्य श्री ने बताया त्याग का महत्व : संग्रहवृति दुःख का कारण है, “उत्तम त्याग धर्म” सुख का मार्ग – आचार्य विमर्शसागर

सहारनपुर में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा कि संग्रहवृति दुःख का कारण है और त्याग धर्म ही जीवन को सुखी बनाता है। निस्वार्थ दान और...

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पर्युषण पर्व में आचार्य श्री बोले – इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी तपस्या : तपश्चरण से जीवन में निखार और परिणामों में निर्मलता – आचार्य निर्भय सागर

ललितपुर में पर्युषण पर्व के दौरान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि तप आत्मा को निर्मल बनाता है और इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी साधना है।...

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मुरैना में जैन संत मुनिश्री विलोकसागर ने उत्तम सत्य धर्म की व्याख्या की : धूप दशमी पर जैन महिलाएं व्रत और सुहाग रूपी शुभ बस्तुओं का आदान-प्रदान करेंगी

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के पांचवे दिन उत्तम सत्य धर्म का महत्व समझाया गया। मुनिश्री विलोकसागर ने सत्य बोलने और आत्मा की पवित्रता पर जोर...

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कषायों से आत्मा मलिन होती है, धर्म आराधना से ही दूर हो सकती है : सत्य धर्म आत्मा के हित में है – आचार्य वर्धमान सागर जी

दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...

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दशलक्षण पर्व में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने कपट और छल से बचने का मार्ग दिखाया : आर्जव धर्म और सरल स्वभाव के महत्व पर आचार्य श्री का मंगल प्रवचन

रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि कपट और छल का कोई भी कल्याण नहीं होता। सरल स्वभाव...

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पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन नगर के जैन मंदिरों में आर्जव धर्म की साधना : सरलता और सदाचार जीवन का मूल आधार है – मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि माया और छल-कपट जीव को नरक और तिर्यंच गति में भटकाते हैं। शाम को पंडित...

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