Tag - shreephal jain news

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-7 स्पर्धा में होता है अपनी योग्यता को बढ़ाने का संकल्प : प्रतिस्पर्धा में पलता है द्वेष

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -39 हमें आत्मा की उन्नति पर ध्यान देना चाहिए : शरीर, धन, पद और मान-सम्मान नश्वर हैं, परंतु आत्मा शाश्वत है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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शिव वाटिका में जैन समाज ने जैन संत की गुरु पूजा की : नागरिक अभिनंदन समारोह में हुआ सम्मान

शिव वाटिका में आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी एवं मुनिश्री प्रांजल सागर जी, मुनिश्री प्रत्यक्ष सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में जुलूस निकाला। उन्हें बड़ा मंदिर...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-6 अपने स्वाभिमान को अभिमान समझकर छोड़ें : धैर्य होने पर हो सकते हैं हर स्थिति में सफल

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -38 संग्रह की मानसिकता व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता भर देती है : दान करने से व्यक्ति मुक्त होता है अपने लोभ, मोह और स्वार्थ से 

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, मीडिया विभाग द्वारा, मीडिया प्रभारी की सूची जारी : खरगोन बड़वानी जिले से इंदौर के आनंद जैन कासलीवाल नियुक्त 

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, मीडिया विभाग द्वारा जिला मीडिया प्रभारी की नियुक्ति की गई जिसके तहत 21 जिलों एक सूची जारी की गई। जिसमें इंदौर के आनंद जैन कासलीवाल...

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जिनबिम्ब पंचकल्याणकमहामहोत्सव का भव्यतम आयोजन : भगवान के माता-पिता बने दंपति की गोद भराई हुई

अंजनी नगर जैन मंदिर के होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव आचार्य विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी संसघ के मंगलमय सानिध्य में होने जा रहा है। भगवान के...

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आचार्य ज्ञानसागरजी ने आचार्य विद्यासागर नहीं बनाए, उन्होंने साक्षात कुंदकुंद देव बनाएः समाधि दिवस पर आचार्यश्री विद्यासागर जी को याद किया

मुनिश्री सुधासागर जी महाराज अपनी गहरी आध्यात्मिकता और जैन धर्म के सिद्धांतों के प्रति समर्पण रखते हैं। वे हमेशा अहिंसा, सत्य और तप के महत्व पर जोर देते हैं।...

श्रीफल ओरिजिनल

लाइफमैनेजमेंट-5 मरते को बचाने वाला मानव है : किसी की खुशी के लिए किसी और की खुशी की प्राणों की बलि मत चढ़ाओ

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -37 भोग-विलास में उलझकर अपना समय न गंवाएं : जीवन को आत्मज्ञान, धर्म, और सच्चे लक्ष्य की प्राप्ति में लगाएं

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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