Tag - shreephal jain news

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मेरे पास है उससे ज्यादा दुनिया के पास नहीं हैः उसका साथ दो, जिसका कोई साथ नही देता-निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधा सागरजी 

धर्मसभा में प्रवचनों के दौरान जैन धर्म अनुयायी बड़ी संख्या में पुण्यार्जन कर रहे हैं। जो मेरे में है उससे ज्यादा दुनिया में नहीं है और जो मेरे में नहीं है बाकी...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -67 सच्चा सुख और शांति इच्छाओं के त्याग में है : आत्मज्ञान और ईश्वर की प्राप्ति के लिए माया और तृष्णा का त्याग करना अत्यंत आवश्यक है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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आदिनाथ कथा की शुरुआत : सच्चा मित्र तो धर्म ही, उसका साथ कभी नहीं छोड़ें- मुनि पूज्य सागर

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के मुखारविंद से आदिनाथ कथा का प्रारंभ हुआ। विपिन कुमार- प्रीति जैन को मुख्य श्रोता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर...

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धर्म की रक्षा करोगे तो वह तुम्हारी रक्षा करेगा: मुनिश्री सुधासागर जी ने बताई धर्म, कर्म और कर्तव्य की महत्ता

मुनिश्री सुधासागर जी की धर्मसभा इन दिनों कटनी क्षेत्र में जैन समाज के लोगों को जीवन के विभिन्न रहस्यों और जिम्मेदारियों से परिचय करवा रही है। मुनिश्री के...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -66 सच्ची भक्ति वही है जो हृदय से, श्रद्धा और समर्पण के साथ की जाती है : अहंकार छोड़कर, प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति से ओतप्रोत हैं भक्त: मुनि श्री सुधासागर जी की धर्मसभा से जाग रही है आध्यात्मिक चेतना

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों धर्मसभा में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं को अपने प्रबोधन से धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति आदि के बारे में...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -65 बाहरी दुनिया में भटकने के बजाय अपने भीतर की यात्रा करें : जब तक हम स्वयं को नहीं पहचानते, तब तक हम दुनिया में भटकते रहेंगे

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -64 शरीर की बजाय आत्मा के उत्थान पर ध्यान देना चाहिए : हमारा शरीर नाशवान है, इसका अहंकार करना व्यर्थ है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -63 हमें समय का सही उपयोग करना चाहिए : जीवन का वास्तविक उद्देश्य आध्यात्मिक उन्नति और आत्मबोध प्राप्त करना है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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जैन दर्शन के आदिदेव भगवान मंगलकारी हैं : मुनि श्री सुधासागर जी के प्रवचनों का ले रहे धर्म लाभ 

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना से परिचय करवा रहे हैं। वे कटनी के समीप बहोरीबंद अतिशय तीर्थ में विराजित हैं। नित...

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