Tag - Samyak Darshan

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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में प्रथमाचार्य श्री वीर सागर जी का 68वां अंतर विलय समाधि वर्ष विशेष पूजन : हेय और उपादेय के विवेक से जीवन निर्माण की शिक्षा आचार्य श्री ने दी

टोंक नगर की धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रथमाचार्य श्री वीर सागर जी के 68वें समाधि वर्ष पर विशेष पूजन एवं गुणानुवाद के अवसर पर प्रवचन दिया।...

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शौच धर्म पर पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी का प्रेरक प्रवचन: लोभ त्याग ही सच्चा शौच धर्म है 

विरागोदय तीर्थ पथरिया में पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल चातुर्मास जारी है। धर्मसभा में उन्होंने कहा कि शौच धर्म का अर्थ केवल बाहरी...

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इंद्रध्वज महामंडल विधान का शुभारंभ, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रवचन में समझाया क्षमा और दश धर्म का महत्व : दशलक्षण महापर्व की शुरुआत, आचार्य श्री ने कहा – क्षमा आत्मा का स्वभाव है, पर्व देता है आत्मिक दीपावली का संदेश

  दशलक्षण महापर्व के प्रथम दिन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में इंद्रध्वज महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। विधानाचार्य पंडित कीर्तीय पारसोला...

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दसलक्षण महापर्व धर्म के दस लक्षणों से जीवन और समाज में शान्ति स्थापित करता है : विश्व शान्ति का आधार है दसलक्षण महापर्व – आचार्य विमर्श सागर जी

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल जैनों का पर्व नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवनोपयोगी है। धर्म के दस लक्षण...

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संत समागम से जीवन निर्मल और धर्म का मार्ग प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म और स्वाध्याय का महत्व समझाया

धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...

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मनुष्य जीवन में वैराग्य, व्रत संयम का पालन कर धर्म धारण करना चाहिए : रत्नत्रय, धर्म समागम, वैराग्य से संवेग भावना उत्पन्न होती हैं 

15 अगस्त को देश स्वतंत्र हुआ है। इससे यह संदेश और प्रेरणा मिलती है कि हमारी आत्मा भी अनेक भवों में कर्मों के अधीन होकर विश्व, संसार में घूम रही है। उसे भी...

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आत्मा का वास्तविक घर सिद्धालय सात राजू ऊपर स्थित है : विनयसंपन्नता भावना मोक्ष का द्वार है – आचार्य श्री की मंगल देशना

टोंक में सोलहकारण भावना पर्व के अंतर्गत आज दूसरी विनयसंपन्नता भावना का दिवस मनाया गया। आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में विनय को मोक्ष का द्वार बताते हुए...

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सोलह कारण, दशलक्षण आदि आत्मा की विशुद्धता के पर्व: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म देशना में बताया पर्वों का महत्व 

चातुर्मास वर्षायोग में अनेक पर्व आते हैं। शनिवार को वात्सल्य पूर्णिमा रक्षाबंधन का पर्व आपने मनाया। अभी 16 कारण पर्व चल रहा है। इसके पश्चात पर 10 लक्षण पर्यूषण...

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राजस्थान सरकार ने आचार्य वर्धमान सागर जी को बनाया राजकीय अतिथि : टोंक में चातुर्मासरत आचार्य श्री के सम्मान से जैन समाज में उल्लास

राजस्थान सरकार ने आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज को राजकीय अतिथि घोषित किया है। टोंक में चातुर्मासरत आचार्य श्री के इस सम्मान से जैन समाज में उत्सव का माहौल है।...

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मुरैना में पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व धूमधाम से मनाया : महामस्तकाभिषेक, निर्वाण लाड़ू और संतों के प्रवचनों से गूंजे जैन मंदिर

मुरैना में मोक्ष सप्तमी के अवसर पर तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक पर्व श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। नगर के जिनालयों में महामस्तकाभिषेक...

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