Tag - Religious Assembly

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मोह के त्याग के लिए कायोत्सर्ग जरूरी: निपुणनंदी जी महाराज ने केकड़ी में धर्मसभा में दिए दिव्य संदेश 

आचार्य इंद्रनंदी जी महाराज के ससंघ विहार करते हुए केकड़ी पहुंचने पर मंडी गेट के पास पिपली चौराहे पर आर्यिका ससंघ एवं सकल दिगंबर जैन समाज ने अगवानी की। बैंडबाजों...

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मंदिर में मोबाइल लेकर जाने से बचे तो ही फायदा: मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने सृष्टि, दृष्टि और भक्ति की महत्ता बताई

मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने मंगलवार को धर्मसभा में समाजजनों को सृष्टि, दृष्टि और भक्ति का महत्व बताया। धर्म के विभिन्न स्वरूपों का ज्ञान भी कराया। मानसिक...

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दुनिया जले तो जले, स्व विकास न छोड़ें : मुनिश्री सुधासागर जी के धर्मोपदेश का पुण्य अर्जन कर रहे श्रद्धालु 

निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों मप्र के गोसलपुर में प्रवचन कर रहे हैं। यहां पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने मुनि भक्तों...

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घर से बाहर जाते, भोजन और सोते समय कभी कलह न करें : निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी के प्रवचनों में धर्म और कर्म की शिक्षा

मुनिश्री सुधासागरजी के शुक्रवार को धर्मसभा में प्रवचन हुए। इसमें उन्होंने धर्म, कर्म और कर्तव्यों की सीख दी। मुनिश्री के प्रवचनों को सुनने के लिए बड़ी संख्या...

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साधु का महत्व वैभव से नहीं वीतरागता से -उपाध्यक्ष श्री विश्रुत सागर: श्रद्धालुओं ने प्रवचन में जाना नमस्कार का महत्व

छत्रपति नगर के दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय में उपाध्याय श्री विश्रुत सागर जी ने सोमवार को धर्मसभा संबोधित की। साथ ही मुनिश्री निर्वेद सागर जी महाराज ने भी संयम और...

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जोबनेर में साध्वी श्री मधुरेखा जी का मंगल प्रवेश: समाजजनों ने साध्वी वृंद का स्वागत कर अगवानी की 

तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी की साध्वी श्री मधुरेखा जी और उनकी साध्वी वृंद का मंगल प्रवेश धर्म नगरी में भव्य जुलूस के साथ हुआ। इस अवसर पर जयघोष...

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पंचम काल में जन्म लेने वाले अच्छे नहीं माने जाते-उपाध्याय विश्रुत सागर जी : समाजजनों ने छत्रपति नगर में धर्मसभा का लाभ लिया

दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में उपाध्याय श्री विश्रुत सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रवचन में समता, संयम और धर्म के बारे में...

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तेरा-बीस पंथी नहीं आगम पंथी बने : आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी ने धर्मसभा में दिए संदेश

दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी विराजित हैं। यहां उनके रोजाना प्रवचन हो रहे हैं। जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 31 विशाल अतिशय युक्त चार मनोज्ञ मूर्तियां है यहां विराजमान एक ही चट्टान पर डेढ़ मीटर अवगाहन की चार प्रतिमाएं उत्कीर्ण

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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धर्मसभा में हुए प्रवचन : जैनदर्शन का पहला सूत्र है होश में आओ, साक्षीभूत बनों – मुनि सुधासागर जी महाराज

निर्णायक मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि जैन दर्शन का पहला सूत्र है – “होश में आओ, साक्षीभूत बनो।” प्रकृति नियत है, लेकिन उपयोगिता...

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