Tag - Religion

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मंडी बड़ौत में हुए मंगल प्रवचन में जैन धर्म का संदेश : जीवन के उच्च आदर्शों और आत्म अन्वेषण पर दिया बल 

 उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के मंडी-बड़ौत में शुक्रवार को भावलिंगी संत द्वारा मंगल प्रवचन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जैन धर्म के उपदेशों पर आधारित था।...

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मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज बोले – रास्ते साफ़ होंगे तो मन्दिर गंदगी से मुक्त रहेंगे : सात नवम्बर को परम पूज्य के करकमलों से होगा मौजी बंधन संस्कार समारोह – विजय धुर्रा

दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आयोजित धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जब रास्ते स्वच्छ होंगे, तभी मंदिर गंदगी से मुक्त रहेंगे। साथ ही...

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आगरा में हुआ जैन पाठशालाओं का भव्य सम्मेलन: मुनिश्री सौम्यसागर जी के सानिध्य में बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियाँ

आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में शहर की सभी जैन पाठशालाओं का सम्मेलन पूज्य मुनिश्री सौम्यसागर जी महाराज के सानिध्य में शान्तिसागर सभागार हरीपर्वत पर...

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महरौनी में दशलक्षण महापर्व का भव्य समापन : दस धर्मों की साधना और भक्ति से गूंजा नगर

महरौनी के श्री अजित नाथ बड़ा जैन मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शुरू हुआ दशलक्षण महापर्व आज ब्रह्मचर्य धर्म के साथ सम्पन्न हुआ। दस दिनों तक नगर में भक्ति...

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कविता काष्ठरथ: प्रतीके सौहार्द्र: शांति-सद्भाव के लिए रथोत्सव पर भावपूर्ण कविता

पर्युषण पर्व के समापन पर प्रतिवर्ष निकाले जाने वाले रथोत्सव पर भावपूर्ण और अहिंसा, शांति, विश्व बंधुत्व, भातृत्व भाव, संयम, त्याग, तप, तपस्या आदि धर्म का पालन...

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दशलक्षण पर्व में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने कपट और छल से बचने का मार्ग दिखाया : आर्जव धर्म और सरल स्वभाव के महत्व पर आचार्य श्री का मंगल प्रवचन

रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि कपट और छल का कोई भी कल्याण नहीं होता। सरल स्वभाव...

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पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन नगर के जैन मंदिरों में आर्जव धर्म की साधना : सरलता और सदाचार जीवन का मूल आधार है – मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि माया और छल-कपट जीव को नरक और तिर्यंच गति में भटकाते हैं। शाम को पंडित...

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संत समागम से जीवन निर्मल और धर्म का मार्ग प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म और स्वाध्याय का महत्व समझाया

धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...

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मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

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मूर्छा भाव व्यक्ति को नियम संयम से दूर करता है : मनुष्य जन्म को साधना और धर्म से सार्थक करें – आचार्य श्री

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...

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