Tag - Religion

समाचार

दशलक्षण पर्व में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने कपट और छल से बचने का मार्ग दिखाया : आर्जव धर्म और सरल स्वभाव के महत्व पर आचार्य श्री का मंगल प्रवचन

रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि कपट और छल का कोई भी कल्याण नहीं होता। सरल स्वभाव...

समाचार

पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन नगर के जैन मंदिरों में आर्जव धर्म की साधना : सरलता और सदाचार जीवन का मूल आधार है – मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि माया और छल-कपट जीव को नरक और तिर्यंच गति में भटकाते हैं। शाम को पंडित...

समाचार

संत समागम से जीवन निर्मल और धर्म का मार्ग प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म और स्वाध्याय का महत्व समझाया

धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...

समाचार

मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

समाचार

मूर्छा भाव व्यक्ति को नियम संयम से दूर करता है : मनुष्य जन्म को साधना और धर्म से सार्थक करें – आचार्य श्री

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...

समाचार

विज्ञान का जितना भी अनुसरण है उसमें जैन धर्म का अनुसरण: आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी ने समर्पण के लिए बताए कई रहस्य 

रामगंजमंडी नगर में चातुर्मास के दौरान आचार्यश्री विनिश्चय सागर जी की धर्मसभा में धर्म, समाज, विज्ञान के अलावा संयम, समर्पण आदि के बारे में दिव्य ज्ञान बंट रहा...

समाचार

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कर्म कर कमाने के मार्ग बताए: मुनिश्री के प्रवचनों में श्रद्धालुओं को मिल रही धर्म की प्रेरणा

मुनिश्री सुधासागर जी के प्रवचन रोज चल रहे हैं और वे धर्मसभा में जैन समाज को कर्म, धर्म और संयम की परिभाषा से अवगत करवा रहे हैं। धर्म सभा में दी गई देशना से...

समाचार

श्री शांति सागरजी ने धर्म, जिनालय, जिनवाणी, संस्कृति की रक्षा हेतु महान कार्य कियाः जैन धर्म अनादि निधन धर्म है 

आचार्यश्री वर्धमान सागरजी महाराज का 33 साधु सहित धर्म नगरी प्रतापगढ़ में एक अप्रैल को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जूना मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री ने...

समाचार

ज्ञान के सागर: आचार्य विद्यासागर का अनंत दर्शन

एक वर्ष पूर्व माघ शुक्ल नवमी को जब संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने सल्लेखनापूर्वक समाधि ली, तब भारत ने अपने एक ऐसे महान संत को खोया...

समाचार

तीर्थंकर कुल का जैन समाज अपने धर्म और संस्कृति को भूल रहा है: आचार्य श्री वर्धमान सागर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने की आचार्य श्री अजित सागर जी की प्रतिमा संघ सहित विराजित

आचार्य शिरोमणि श्री वर्धमान सागर जी ने उदयपुर में श्री महावीर स्वामी के महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम, पंच कल्याणक के बाद साबला में मंंगल प्रवेश किया। उन्होंन यहां...

You cannot copy content of this page