दुनिया स्वार्थी है कोई किसी का नहीं होता जिसे आप अपना मानते हो वह भी आपका नहीं है। आज ज्यादातर लोग दिखावे के लिए कार्य करते हैं। आज महंगाई नहीं बड़ी है लोगों के...
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विद्वान पंडित रतनलाल शास्त्री जब आत्मानंद सागर जी बने तब वे संल्लेखनारत थे। उनकी समाधि से दिगंबर जैन समाज ने उनके चरणों में श्रद्धांजलि दी है। उनकी विद्वत्ता...
श्री आत्मानंद सागर पूर्व नाम पंडित रतनलालजी शास्त्री का बुधवार, को संलेखना पूर्वक समाधि मरण हो गया। पंडित शास्त्रीजी ने शताधिक आचार्यों एवं साधु भगवंतों को...








