Tag - Lord Shri Mahavir Swami

समाचार

बिना पानी, बिना रंग, गुलाल के बाद भी सभी को होली के रंगो में सराबोर कियाः शपथविधि कार्यक्रम सह अष्टापद यात्रा की घोषणा 

होली के रंग मे रंगे सभी एक्सीलेंट साथियो के साथ कल्पना से परे, सोच से कही ऊपर बिना पानी एव बिना रंग, गुलाल के बाद भी सभी को होली के रंगो में सराबोर करने वाली...

समाचार

शालीमार एनक्लेव जैन मंदिर में श्री सिद्धचक्र विधान का चौथा दिनः श्रीजी के समक्ष 256 अर्घ्य अर्पित किए

कमला नगर स्थित शालीमार एनक्लेव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अष्टाह्निका पर्व के अवसर पर विधान पुण्यार्जक परिवार द्वारा 7 से 14 मार्च तक श्री...

समाचार

धरियावद के भंवरलाल सरिया 9 मार्च को धारण करेंगे जैनेश्वरी दीक्षाः पिता ने भी ली थी मुनि दीक्षा

धरियावद निवासी भंवरलाल सरिया आगामी 9 मार्च, रविवार को श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर सभागार में श्री वर्धमान सागरजी के सिद्धहस्त करकमलों से भव्य जैनेश्वरी...

समाचार

नगर के व्यवसाई सरियाजी ने दीक्षा हेतु किया निवेदनः सिद्ध भगवान का समुदाय ही सिद्धचक्र कहलाता हैं-आचार्यश्री वर्धमान सागरजी

आचार्यश्री वर्धमान सागरजी धरियावद विराजित हैं। नगर के व्यवसाई ने दीक्षा हेतु आचार्यश्री को निवेदन किया। आचार्यश्री ने पूजन के दौरान चढ़ाए जाने वाले द्रव्य किस...

समाचार

आचार्य श्री शिव सागरजी का 57वां समाधि वर्षः तत्व चर्चा पूरे भारत में प्रसिद्ध रही

भारत के महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिला जो कि अजंता-एलोरा की गुफाओं के कारण प्रसिद्ध है। किंतु जैन धर्म की धार्मिक दृष्टि से देखेंगे तो अनेक दिगंबर साधु...

समाचार

108 मुनिश्री प्रणम्य सागरजी महाराज का 27 फ़रवरी को कुचामन मे भव्य मंगल प्रवेशः सर्वधर्म पर मंगल प्रवचन

कुचामन के पूण्योदय से धर्मनगरी मे गुरुवार को अभिक्ष्ण ज्ञानपयोगी अर्ह ध्यान योग प्रणेता परम पूज्य मुनिश्री प्रणम्य सागर महाराज, मुनिश्री विश्वाक्ष सागरजी...

समाचार

गुरु की कृपा आशीर्वाद से शिष्यों के सब कार्य पूर्ण होते हैं-आचार्यश्री वर्धमान सागरजीः प्रभु भक्ति से वाणी और नेत्र ज्योति पुनः प्राप्त हुई 

धरियावद आचार्यश्री वर्धमान सागरजी संघ सहित विराजित हैं। संघ सानिध्य में आचार्यश्री धर्म सागरजी का 57 वां आचार्य पदारोहण वर्ष एवं आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का...

समाचार

मुनि श्री पुण्यसागर का हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश: मुनिश्री का जगह- जगह भक्तों किया पाद प्रक्षालन

प्रथमाचार्य चरित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी, पट्ट परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजितसागरजी के शिष्य मुनि ,नगर...

You cannot copy content of this page