Tag - Kundalpur

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राष्ट्रीय कवि सम्मेलन 8 को: कुण्डलपुर के विद्या भवन में होगा आयोजन 

होली-धुलंडी के पर्व पर कुण्डलपुर के बड़े बाबा की छत्रछाया में 8 मार्च बुधवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। यह विद्या भवन कुण्डलपुर में...

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तीन आचार्य संघों का कुण्डलपुर में मंगल प्रवेश: श्रावकों, तीर्थयात्रियों ने की भव्य अगवानी 

सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज, आचार्य श्री विनम्रसागर जी...

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साइंस ऑफ लिविंग सत्र जारी : लड़ाई हो तो भरत-बाहुबली जैसी हो, वरना न हो – मुनि श्री निरंजनसागर जी महाराज

कुंडलपुर में मुनि श्री निरंजन सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि हमें भरत-बाहुबली से सीखना चाहिए, जिन्होंने युद्ध विजय के बाद वैराग्य धारण किया था। पढ़िए...

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बड़े बाबा के श्री चरणों में : त्रय आचार्य संघों का कुण्डलपुर में 3 मार्च को होगा मंगल प्रवेश

कुण्डलपुर(राजेश रागी बकस्वाहा)। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री विभव...

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साइंस ऑफ लिविंग सत्र में प्रवचन : आदत होना सही, गलत आदत होना दुर्गति का कारण – मुनि श्री निरंजन सागर जी

साइंस ऑफ लिविंग सत्र में मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज जीवन जीने का सबका अपना-अपना तरीका है। व्यक्ति का स्वयं के मापदंडों से जीना ठीक है लेकिन मापदंड के बारे...

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साइंस ऑफ लिविंग सत्र जारी : जो खुद को समझ पाते हैं वे ही खुदा बन पाते हैं- मुनि श्री निरंजनसागर जी महाराज

कुंडलपुर में मुनि श्री निरंजन सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि हम स्व की ओर ध्यान न देकर पर की ओर ध्यान देते हैं, तो यह हमारी अज्ञानता है। पढ़िए जयकुमार...

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साइंस ऑफ लिविंग पर प्रवचन दे रहे हैं : संघर्ष भी सहर्ष स्वीकार करना चाहिए – मुनि श्री निरंजन सागर जी

मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि जिस भी व्यक्ति ने संघर्षों को सहर्ष के साथ स्वीकार किया है, उस संघर्ष के काल में जिसने धैर्य को नहीं खोया...

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धर्म प्रभावना : आदर्श जीवन से ही बनता है गौरवशाली इतिहास : मुनि श्री निरंजन सागर 

मुनि श्री निरंजन सागर ने प्रवचन के दौरान कहा कि प्रसिद्धि भी दो तरह से होती है। पहली विख्यात और दूसरी कुख्यात ।यह ख्याति की चाह, पूजन( आदर सत्कार) की चाह, लाभ...

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प्रवचन : जैसा होता है बांस, वैसी ही बनती है बांसुरी : मुनि श्री निरंजनसागर

अशुद्ध कारण से कभी त्रिकाल में भी शुद्ध कार्य घटित नहीं हो सकता है। बिना कारण के भी कोई कार्य संपन्न नहीं होता और कारण के होते पर भी कार्य हो जाए, यह भी आवश्यक...

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आचार्यश्री विद्यासागर के संघ में अब 10 निर्यापक मुनि

कुण्डलपुर । आचार्यश्री विद्यासागर महाराज ने रविवार को देवदेशना देते हुए संघ के विस्तार और समाज के जागरण पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए 6 नए निर्यापक घोषित किए।...

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