पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि अहंकार विष के समान है, जो आत्मा को भीतर से खोखला कर देता है, जबकि मार्दव धर्म अमृत स्वरूप है...
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रामगंजमंडी में दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा और आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन के साथ मनाया गया। आचार्य श्री ने कहा कि...
दिगंबर जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण अंबाह में पंचमी से शुरू हो गया है। जैन मंदिरों में कलशाभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। यह...
भोपाल के अवधपुरी में चल रहे पर्युषण महापर्व पर मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने कहा कि विनम्रता ही सच्चे नेतृत्व की आत्मा है। अहंकारी व्यक्ति केवल हुकूमत करता है...
उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...
अहिच्छेत्र अतिशय क्षेत्र (उत्तर प्रदेश) में आयोजित धर्म जागृति संस्थान के नवम राष्ट्रीय अधिवेशन में आचार्य श्री 108 वसुनंदी महाराज के सान्निध्य में धर्म...
आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल जैनों का पर्व नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवनोपयोगी है। धर्म के दस लक्षण...
रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने रविवार को मंगल प्रवचन में कहा कि जीवन की सारी समस्याएँ मन से जुड़ी हैं। जब मन बिगड़ता है तो काम भी...
दिगंबर जैन पाठशाला डडूका में बच्चों ने रविवारीय पूजा के दौरान पर्यूषण पर्व 2025 की तैयारी का पूर्वाभ्यास किया। बच्चों ने पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक किया...
सहारनपुर में आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य यदि अपने छोटे-से गुणों पर अभिमान करता है तो वह वास्तविक गुणवान...








