Tag - Jain Values

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अभिमान त्यागने से ही मिलता है आत्मिक सुख और शांति : अहंकार विष के समान, मार्दव धर्म अमृत स्वरूप है – पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी

पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि अहंकार विष के समान है, जो आत्मा को भीतर से खोखला कर देता है, जबकि मार्दव धर्म अमृत स्वरूप है...

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जब मृदुता आती है तभी प्रकट होता है उत्तम मार्दव धर्म – दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन : ऐसी पाठशाला होनी चाहिए जिसमें झुकना सिखाया जाए – आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा और आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन के साथ मनाया गया। आचार्य श्री ने कहा कि...

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अंबाह में पर्यूषण पर्व की शुरुआत, जैन मंदिरों में हुआ कलशाभिषेक : दस दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों से गुंजायमान होगा अंबाह का वातावरण

दिगंबर जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण अंबाह में पंचमी से शुरू हो गया है। जैन मंदिरों में कलशाभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। यह...

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अहंकार नहीं, विनम्रता ही बनाती है व्यक्ति को सच्चा नेता : विनम्रता में छिपी है नेतृत्व की सच्ची कला – मुनि प्रमाण सागर

भोपाल के अवधपुरी में चल रहे पर्युषण महापर्व पर मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने कहा कि विनम्रता ही सच्चे नेतृत्व की आत्मा है। अहंकारी व्यक्ति केवल हुकूमत करता है...

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उत्तम क्षमा - आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान : क्षमा वीरस्य भूषणं

उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...

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धर्म जागृति संस्थान का नवम राष्ट्रीय अधिवेशन अहिच्छेत्र अतिशय क्षेत्र में संपन्न : धर्म प्रभावना, समाज हित और जैन जनसंख्या वृद्धि के संकल्प के साथ हुआ समापन

अहिच्छेत्र अतिशय क्षेत्र (उत्तर प्रदेश) में आयोजित धर्म जागृति संस्थान के नवम राष्ट्रीय अधिवेशन में आचार्य श्री 108 वसुनंदी महाराज के सान्निध्य में धर्म...

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दसलक्षण महापर्व धर्म के दस लक्षणों से जीवन और समाज में शान्ति स्थापित करता है : विश्व शान्ति का आधार है दसलक्षण महापर्व – आचार्य विमर्श सागर जी

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल जैनों का पर्व नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवनोपयोगी है। धर्म के दस लक्षण...

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विनिश्चय सागर महाराज ने प्रवचन में दी मन की सफाई की सीख : बोले-काम बिगड़ता है जब मन बिगड़ता है 

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने रविवार को मंगल प्रवचन में कहा कि जीवन की सारी समस्याएँ मन से जुड़ी हैं। जब मन बिगड़ता है तो काम भी...

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रविवारीय पूजा में बच्चों ने किया पर्यूषण पर्व का पूर्वाभ्यास : दशधर्मों का महत्व समझकर बच्चों ने की सामूहिक पूजा

दिगंबर जैन पाठशाला डडूका में बच्चों ने रविवारीय पूजा के दौरान पर्यूषण पर्व 2025 की तैयारी का पूर्वाभ्यास किया। बच्चों ने पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक किया...

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सहारनपुर में 30 पीछीधारी संतों का दुर्लभ सानिध्य : आपका अभिमान बताता है, आप गुणवान नहीं हैं – आचार्य विमर्शसागर जी

सहारनपुर में आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य यदि अपने छोटे-से गुणों पर अभिमान करता है तो वह वास्तविक गुणवान...

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