मुनि श्री 108 सर्वार्थ सागर जी महाराज को उनके विशिष्ट साहित्यिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित “विशुद्ध विद्यावारिधि” उपाधि प्रदान की गई है...
Tag - Jain Scriptures
मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि केवल ज्ञान को रटने या बोलने से कुछ नहीं होता, उसे आत्मसात करना आवश्यक है।...
महरौनी स्थित श्री दिगंबर जैन महावीर पंचबालयति जिनालय में दस दिनों तक चले दशलक्षण पर्व का समापन क्षमावाणी पर्व के साथ श्रद्धा और भक्ति पूर्वक हुआ। समापन अवसर पर...
उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...
टोंक में धर्मसभा के दौरान आचार्य वर्धमान सागर जी ने आरोग्यता, शास्त्र स्वाध्याय, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण पर गहन विचार रखे। जीवन में संयम और धार्मिकता से ही...
ऑपरेशन सिन्दूर की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में फार्मासिंथ कम्पनी ने राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देने हेतु तिरंगा अभियान शुरू किया है। डॉ. अरविन्द गुप्ता और डॉ...








