श्री1008 मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर, स्मृति नगर में रविवार को फ्रेंडशिप डे एक अनोखे अंदाज में मनाया गया। यहां चातुर्मास के लिए विराजमान अंतर्मुखी मुनि...
Tag - jain sadhvi
श्रेयांसगिरि में चातुर्मासरत गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज ने छिंदवाड़ा से आए श्रमणाचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज के संघस्थ 6 ब्रह्मचारिणी दीदी व भैया...
आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में रविवार को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वांचल की धरा पर प्रथम बार 108 पुरुषों द्वारा आचार्य श्री ससंघ...
गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारे परिणामों में इतनी शांति होनी चाहिये कि कितना भी क्रोधी व्यक्ति हमारे आभामण्डल में आ जाये तो वह भी...
जतारा (राजीव सिंघई मोनू)। नगर गौरव परम पूज्य जिनागम पंथ प्रवर्तक भावलिंगी संत श्रमणाचार्य 108 श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज के पावन श्री चरणों में मध्यप्रदेश...
हम प्रतिदिन क्रिया पूर्ण करने के उद्देश्य से पूजा करते हैं अनुष्ठान पूरा करने के उद्देश्य से पूजा नहीं करते हैं अगर हम अनुष्ठान पूरा करने के उद्देश्य से पूजा...
हमें जीवन कैसे जीना है, ये आना चाहिए। हमको इसे जीना आना चाहिए। लोग दुखी क्यों होते हैं, क्यों अवसान में चले जाते हैं ? क्यों दूसरों को कोसते हैं ? इस सबका कारण...
पूज्य श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन सम्प्रदाय के प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी महाराज की आज्ञानुवर्ती पूज्या श्री निखिलशीलाजी माताजी आदि ठाणा – 4 के...
चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : देव, शास्त्र और गुरु के सामने कभी गरीब मत बनना-मुनि सुधासागर महाराज
जैन सम्प्रदाय में कहा है भगवान, गुरु के सामने कभी लेने नहीं जाना। उनको देना है। खेत में बोएंगे, तभी फसल आएगी। बड़ों का धन भोगा नहीं जाता, उनको दिया जाता है।...
चार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि संसार में सबके पास कान हैं। कान से सुनते सब हैं परन्तु कान की बात पर ध्यान नहीं देते हैं। जो लोग कान के कच्चे होते हैं...








