धरियावद में पर्वराज पर्यूषण के आठवें दिन क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ने धर्मसभा में त्याग धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि त्याग से इंसान भगवान बन जाता...
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बड़वानी में दशलक्षण पर्व पर आर्यिका मां विकुंदन श्री जी ने त्याग और दान के महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने बताया कि जीवन में त्याग और दान ही आत्मशुद्धि का मार्ग...
सहारनपुर में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा कि संग्रहवृति दुःख का कारण है और त्याग धर्म ही जीवन को सुखी बनाता है। निस्वार्थ दान और...
रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के सप्तम दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज ने उत्तम तप धर्म की महिमा पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि इच्छाओं को...
मुरैना में पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के परम भक्त श्रावक श्रेष्ठी अनूप भंडारी ने प्रतिक्रमण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रतिक्रमण कर्मों के...
तरुणसागरम तीर्थ, कोडरमा में दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महामुनिराज ने उपस्थित गुरु-भक्तों को उत्तम तप धर्म का संदेश...
मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोक सागरजी ने प्रवचन में कहा कि इच्छाओं पर नियंत्रण और आत्म संयम ही उत्तम तप धर्म है। पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन अनंत...
दसलक्षण पर्व के छठे दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा कि आत्मा की उन्नति और तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति अत्यंत आवश्यक है। संयम जीवन का...
संयम बंधन नहीं, अभिनंदन का दिन है : संयम के बिना जीवन गाड़ी बिना ब्रेक की तरह – क्षुल्लक जी का संदेश
धरियावद में पर्यूषण पर्व के छठे दिन क्षुल्लक महोदय सागर जी महाराज ने कहा कि संयम बंधन नहीं, बल्कि अभिनंदन का दिन है। संयम जीवन का ब्रेक है, जिसके बिना मनुष्य...
ललितपुर में पर्युषण पर्व पर आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने कहा कि संयम साधना से ही जीवन में शांति और आनंद का अनुभव होता है। सुगंध दशमी पर नगर के जैन...








