पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर सहारनपुर में दिगम्बराचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज ने कहा कि क्रोध समस्या का समाधान नहीं बल्कि स्वयं एक समस्या है, जबकि...
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उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...
अहिच्छेत्र अतिशय क्षेत्र (उत्तर प्रदेश) में आयोजित धर्म जागृति संस्थान के नवम राष्ट्रीय अधिवेशन में आचार्य श्री 108 वसुनंदी महाराज के सान्निध्य में धर्म...
आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल जैनों का पर्व नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवनोपयोगी है। धर्म के दस लक्षण...
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन 15 दिवसीय अमेरिका प्रवास पर जैनधर्म की प्रभावना हेतु रवाना हुए। उन्हें जैन समाज...
रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने रविवार को मंगल प्रवचन में कहा कि जीवन की सारी समस्याएँ मन से जुड़ी हैं। जब मन बिगड़ता है तो काम भी...
मुरैना में रविवार 24 अगस्त को बड़े जैन मंदिरजी में शाम 6 से 7 बजे तक तीर्थंकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित होगी। युगल मुनिराज मुनिश्री विलोकसागर जी व...
1916 में रचित पं. जुगल किशोर मुख्तार “युगवीर” की कविता ‘मेरी भावना’ आज 109 वर्षों बाद भी उतनी ही प्रासंगिक है। यह रचना राष्ट्रीयता, विश्व बंधुता, सहिष्णुता और...
आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...
भोपाल के विद्या प्रमाण गुरुकुलम में स्वतंत्रता दिवस पर मुनि प्रमाण सागर ने कहा कि असली आज़ादी सत्ता नहीं, बल्कि मन और इच्छाओं पर नियंत्रण है। उन्होंने युवाओं...








