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समाचार

इंद्रिय संयम से आत्मशुद्धि तक : अक्षय तृतीया का जैन स्वरूप, सम्यक् भाव, सम्यक् पात्र और अक्षय पुण्य का त्रिकोण

जहाँ एक क्षण का शुद्ध संकल्प भी कालजयी बन जाता है और भीतर का मौन साधन अनंत पुण्य की धारा में बहने लगता है—उसी दिव्य अनुभूति का नाम है अक्षय तृतीया। यह केवल...

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