धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि हमें भगवान की पूजन अष्ठ द्रव्य से करनी चाहिए और हमें मंदिर में तीन बार परिक्रमा देते समय देव स्तुति बोलनी...
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दमोह जिले का कुण्डलपुर एक छोटा-सा गांव जरुर है परन्तु यहां भी अब चंदेरी, महेश्वर और बनारस की तर्ज पर घर-घर हथकरघा चलाए जाने लगे हैं। यह सब कुछ संभव हो पाया जैन...
जीवन में संस्कारों का बहुत महत्व है। संस्कारहीन जीवन पशु समान हैं। संस्कारी व्यक्ति अपने देश, समाज एवं कुल का नाम रोशन करता है। जीव दया के तहत मूक पशु...
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती 108 श्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि गुरु बड़ों से आशीर्वाद मांगना मत, गुरु बड़ों से आशीर्वाद भेंट में लेना।...
महापुरुषों में भी क्रांति करने वाले बहुत कम ही हुए हैं। समाज का चिंतन करने वाले बिरले ही होते हैं। जब समाज में बुराइयां बढ़ती है, तो दूसरा गुट समाज उसका फायदा...
वृक्ष हमारे जीवन में और धरती के पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्षों से जहां एक तरफ हमें ऑक्सीजन मिलती है वहीं दूसरी ओर वृक्ष धरती के प्रदूषण को...
पिछले कुछ समय से देश-प्रदेश में जैन धर्म, समाज, संस्कृति, संत और पुरातात्विक महत्व के प्राचीन जैन तीर्थों पर हो रहे आक्रमण/अतिक्रमण से समग्र जैन समाज संतप्त...
श्रीफल जैन न्यूज द्वारा प्रदेशभर के जैन संगठनों के जरिए सोश्यल नेटवर्क पर चलाई गईं मुहिम को अपने वेब न्यूज चैनल के माध्यम से महत्वपूर्ण कवरेज प्रदान कर...
कर्म गहन विधान पूजन हमारे जीवन को महान बनाता है। हमारे जीवन में 148 कर्म की प्रकृतियां हैं, वही हमारे शरीर का निर्माण करती हैं, वही हमें सुख- दुख और चारों...
वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने कहा कि जो अपने परिवार के साथ भगवान की पूजा करते हैं, वे तीर्थंकर के कुलों में उत्पन्न होते हैं...








