Tag - Dharma Sabha

समाचार

शौच धर्म पर पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी का प्रेरक प्रवचन: लोभ त्याग ही सच्चा शौच धर्म है 

विरागोदय तीर्थ पथरिया में पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल चातुर्मास जारी है। धर्मसभा में उन्होंने कहा कि शौच धर्म का अर्थ केवल बाहरी...

समाचार

मन, वाणी और व्यवहार की एकरूपता ही सरलता लाती है- मुनि श्री प्रमाण सागर : उत्तम आर्जव धर्म पर धर्मसभा में बताए मुनिश्री ने सरलता के उपाय

जैसा तुम बाहर से दिखना चाहते हो वैसा अंदर से भी बन जाओ। चलो सीधा और बनो सच्चा। यह उद्गार मुनिश्री प्रमाणसागर जी महाराज ने पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव...

समाचार

जब मृदुता आती है तभी प्रकट होता है उत्तम मार्दव धर्म – दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन : ऐसी पाठशाला होनी चाहिए जिसमें झुकना सिखाया जाए – आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा और आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन के साथ मनाया गया। आचार्य श्री ने कहा कि...

समाचार

अपने भीतर की शांति को मज़बूत करना होगा: मुनिश्री ने शांति के स्रोत को मजबूत करने का मार्ग दिखाया 

नगर में मुनिराजों के वर्षायोग चातुर्मास के चलते धर्मसभा में मंगल वचनों की अपूर्व वर्षा हो रही है। मुनियों के प्रवचन से यहां की धर्मप्रेमी जनता का धर्म आराधना...

समाचार

प्रीति है तो लोग आपका सहयोग करेंगे : प्रीति के माध्यम से संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर 

नगर के भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिराजों का चातुर्मास जारी है और उनके प्रवचनों से स्थानीय समाजजन लाभान्वित हो रहे हैं। यहां प्रवचन में मुनि महाराज...

समाचार

एक छोटा सा व्यसन जीवन को नष्ट करने को काफी: मुनिश्री ने संयमित जीवन बनाने की दी सीख 

नांद्रे नगर में चातुर्मासरत मुनिराजों के प्रवचन और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समाजजन आ रहे हैं। रोज यहां धर्मसभा में अनमोल वचनों का लाभ लिया जा रहा है।...

समाचार

श्रद्धा से शक्ति स्वयं ही आ जाती है : मुनि श्री जयंत सागर जी ने प्रेम, श्रद्धा और आस्था का बताया महत्व

मुनि श्री जयंत सागर जी ने गुरुवार को अपने प्रवचन में कहा कि धर्म के प्रति श्रद्धा है तो स्वतः ही अंदर में शक्ति आ जाती है। नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल...

समाचार

मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

समाचार

आत्मा का वास्तविक घर सिद्धालय सात राजू ऊपर स्थित है : विनयसंपन्नता भावना मोक्ष का द्वार है – आचार्य श्री की मंगल देशना

टोंक में सोलहकारण भावना पर्व के अंतर्गत आज दूसरी विनयसंपन्नता भावना का दिवस मनाया गया। आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में विनय को मोक्ष का द्वार बताते हुए...

समाचार

वर्तमान को सुधारो, भविष्य स्वयं सँवर जाएगा — मुनि प्रज्ञान सागर जी : दृष्टि बदलो, सृष्टि बदल जाएगी — नैनवा धर्मसभा में मुनि श्री का संदेश

नैनवा (बूंदी) में वर्षायोग कर रहे मुनि 108 प्रज्ञान सागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि संसार को सुधारने से पहले स्वयं को सुधारना जरूरी है। दृष्टि बदलने से...

You cannot copy content of this page