शलाका पुरुषों में श्री शांतिनाथ भगवान कामदेव, चक्रवती और तीर्थंकर तीन पद के धारी हैं। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दिगम्बर अतिशय क्षेत्र...
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कोटा में आयोजित पद्म पुराण आधारित श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर गुरुदेव जयकीर्ति जी गुरुराज ने आहार दान की अद्भुत महिमा बताते हुए धर्म सभा को संबोधित किया। कथा...
बड़वानी के जैन मंदिर में आर्यिका विकुंदन श्री माताजी ने धर्मसभा में कहा कि जीनागम के शास्त्रों का हर शब्द ज्ञान की खान है। मोह से मुक्त होकर संयम और सद्भाव के...
मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि केवल ज्ञान को रटने या बोलने से कुछ नहीं होता, उसे आत्मसात करना आवश्यक है।...
आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आयोजित महिला मंडलों के सम्मेलन में पूज्य मुनि सौम्यसागर जी महाराज एवं मुनि निश्चलसागर जी महाराज ससंघ का पावन सानिध्य...
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास विरागोदय तीर्थ पथरिया में चल रहा है। इस दौरान यहां धर्मसभा में प्रवचनों के माध्यम से दिव्य वचनों से गुरु भक्त...
पथरिया में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने धर्मसभा में कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत कठिन है। जीवन में ऊंचाइयों पाना है तो ईर्ष्या से अपनी रक्षा करना। पथरिया से...
झुमरीतिलैया (कोडरमा) में दसलक्षण पर्यूषण के आठवें दिन “उत्तम त्याग धर्म” का आयोजन भक्ति और उल्लास के साथ हुआ। डॉ. निर्मला दीदी ने प्रवचन में त्याग को जीवन...
दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...








