Tag - Dhariyavad

समाचार

6 दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव करावली में युगल मुनिराज ससंघ का करावली में हुआ भव्य मंगल प्रवेश

दिगंबर जैनाचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी, मुनिश्री अर्पित सागर जी और क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज का ससंघ गत...

समाचार

दिगंबर जैन युगल मुनिराज का झल्लारा में मंगल प्रवेश  पंचतीर्थ पंचकल्याणक वार्षिकोत्सव पर गुरु- भक्ति समारोह

परम पूज्य वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश दिगंबर जैनाचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के सुशिष्य युगल मुनिराज श्री अपूर्व सागर जी महाराज, मुनि श्री अर्पित...

समाचार

करावली में11 मई से होगा मानस्तंभ महामस्तकाभिषेक महोत्सव युगल मुनिराज ससंघ के सान्निध्य में होगा श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान

वात्सल्य वारिधि दिगंबर जैन आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के युगल शिष्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज, मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री...

समाचार

दूसरे के दुख को अपना समझकर दूर करना ही दया – मुनि अपूर्व सागर दया से बड़ा कोई धर्म नहीं

वात्सल्य वारीधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज ने कहा कि धर्म का मूल दया है। वीतराग धर्म के अलावा संसार में अन्य...

समाचार

धर्म के बिना कोई भी आत्मा सुखी नहीं - मुनि अपूर्व सागर पंच परमेष्ठी के मन में रहता है धर्म 

अन्याय और अधर्म इस लोक के साथ ही परलोक में भी दुख देने वाले हैं।धर्म के बिना इंसान चलती फिरती लाश के समान है । धर्म को ज्ञानी लोगों ने संचय किया है। धर्म को...

समाचार

धर्म को आत्मा में धारण करें, मोक्ष का सुख ही शाश्वत होता है- मुनि अपूर्व सागर जी महाराज     ‘धर्म वह फैक्ट्री है जिसमें सच्चे सुख का उत्पादन होता’   

वात्सल्य वारीधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री अपूर्व सागर जी महाराज ने कहा कि वीतराग धर्म, आत्मधर्म, केवली भगवान द्वारा कहा गया धर्म...

समाचार

धर्म हमारा रक्षक है बाकी सब भक्षक – मुनि अपूर्व सागर: मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

समाचार

धर्म के सिवाय कोई मित्र नहीं– मुनि अपूर्व सागर  मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : जीवन में पाप करना आसान है, पर पाप को स्वीकार करना बहुत कठिन- मुनि श्री सुदत्त सागर जी महाराज

जिन दर्शन, जिनाभिषेक, जिन पूजन, जिन भक्ति, तीर्थ यात्रा करना, आहार दान देना आदि यह कार्य पुण्यशाली और सौभाग्यशाली जीव ही कर सकते हैं। ये सब कार्य नहीं करने...

समाचार

भगवान जिनेंद्र की आज्ञा का पालन करने वाला होता है जैन: सम्यक दर्शन,सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र की एकता ही है मोक्षमार्ग

वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि अर्पित सागर ने कहा कि जो सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र से सहित होता है, वह...

You cannot copy content of this page