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राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 29 आगम काव्य, पुराण, नाटक छंद शास्त्र के वेत्ता थे संत श्री सुमति सागर: अभयनंदी एवं रत्नकीर्ति दोनों के स्तवन गीत लिखे

राजस्थान में जैन संतों ने आगम काव्य, पुराण, नाटक और छंद लिखे। इसमें गुरुओं के स्तवन किया गया। संत श्री सुमति सागर ऐसे संत रहे, जिन्होंने दो भट्टारकों का काल...

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राजस्थान के जैन संत 27 राजस्थान और गुजरात में समान रूप से धर्म प्रभावना हुई: भट्टारक अभयनंदी के छंदों में मिलता इनका बखान

राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व एवं कृतित्व के तहत राजस्थान में जन्में, यहीं पर संत बने और यहीं की भाषा में साहित्य की रचना कर जन-जन तक धर्म प्रभावना पहुंचाने...

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राजस्थान के जैन संत 26 ब्रह्म धर्मरुचि ने गुजराती मिश्रित राजस्थानी में रचना कर भक्ति का दिया संदेश: भट्टारक अभयचंद्र जी के शिष्य थे ब्रह्म धर्मरुचि

राजस्थान के जैन संतों के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में पढ़ने के बाद एक बात तो स्पष्ट है कि राजस्थान के धरती पर जितने भी संतों ने जन्म लिया। उन्होंने...

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